-हादसा पीड़ितों को मिल सकेगा बेहतर उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) दिल्ली में ट्रॉमा सेंटर में हादसा पीड़ितों को बेहतर उपचार देने के लिए तीन अलग-अलग डिविजन बनाए जाएंगे। इसमें ऑर्थोपेडिक, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर, लेबोरेटरी मेडिसिन ट्रॉमा डिविजन शामिल हैं। लेबोरेटरी मेडिसिन डिविजन में माइक्रोबायोलॉजी और पैथोलॉजी/लैब मेडिसिन यूनिट होगी। इस संबंध में एम्स रजिस्ट्रार ने कार्यालय ज्ञापन जारी किया है।
बता दें कि एम्स प्रशासन पिछले एक साल से इस योजना पर काम कर रहा था। एम्स की 123वीं स्टैंडिंग अकादमिक कमेटी की बैठक में इसको मंजूरी दी गई थी। उसके बाद फिर सितंबर 2025 में गवर्निंग बॉडी की बैठक में मंजूरी के बाद डिविजन बनाने को लेकर रजिस्ट्रार की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार डिविजन के बनने से हादसा पीड़ितों को मिलने वाले सुविधाओं में सुधार होगा। अतिरिक्त डॉक्टर तैनात किए जा सकेंगे। साथ ही लैब मेडिसिन में स्पेशियलिटी कोर्स शुरू होंगे।