चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के कुलपति एनके तनेजा ने कहा कि "देश की आजादी के बाद कई लोगों ने शोध के बहाने भारतीय जनमानस को बरगलाने का प्रयोग किया है और वर्तमान में भी कर रहें हैं। इसलिए हमें ऐसे विषयों पर भी शोध करना चाहिए जिसको सिर्फ वामपंथ विचार से प्रेरित कर अबतक समाज के बीच रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया नारा 'सबका साथ -सबका विकास' भी एक शोध का विषय है। जिसने मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण व शहरी आवास योजना, जन-धन योजान ,उज्जवला योजना के माध्यम से जनता को लाभ पहुंचाया है। उन्होनें कहा कि-हार्डवर्क का कोई शॉर्टकट नहीं है।
शोध प्रकल्प के संयोजक आलोक सिंह जी ने कहा है कि हम "शोध-स्टूडेंट्स फॉर हॉलिस्टिक डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमैनिटी " के माध्यम से देशभर के शोधार्थियों को अपने क्षेत्र में बेहतर करने के लिए एक प्लेटफॉर्म मुहैया करा रहें है। जहां शोधकार्य में आने वाली समस्याओं व हल पर संवाद हो सके। उन्होंने कहा इस तीन दिवसीय सेमिनार को कराने का यही मकसद है।
तीन दिवसीय सेमिनार में कुल 10 सत्र चलेंगे जिसमें वक्ता के रूप में प्रोफेसर मधु किश्वर, नागेश ठाकुर, प्रोफेसर सुमनधर, एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर जी उपस्थित रहेंगे।