पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद सज्जन कुमार की याचिका 25 मार्च के लिए सूचीबद्ध कर दी। उच्च न्यायालय ने 17 दिसंबर, 2018 को सज्जन कुमार को दक्षिण पश्चिम दिल्ली में छावनी के राजनगर पार्ट-1 में 1 और 2 नवंबर, 1984 को पांच सिखों की हत्या के मामले में बरी करने के निचली अदालत के 2010 के निर्णय को निरस्त करते हुए कांग्रेस के इस पूर्व सांसद को दोषी ठहराया और उन्हें ताउम्र कैद की सजा सुनाई। इस मामले में अदालत ने पांच अन्य मुजरिमों को भी दोषी ठहराने और अलग अलग अवधि की सजा देने का फैसला बरकरार रखा था।
तत्कालीन प्रधान मंत्री इन्दिरा गांधी की 31 अक्टूबर, 1984 को उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या किये जाने के बाद सिख विरोधी दंगे भड़के थे। इन दंगों के दौरान दंगाइयों ने 2700 से अधिक सिखों की राष्ट्रीय राजधानी में हत्या कर दी थी।