संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। अयोध्या पर्व 2026 का तीन दिवसीय आयोजन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र परिसर में विभिन्न कार्यक्रमों के बीच संपन्न हुआ। समापन सत्र में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और आईजीएनसीए के अध्यक्ष रामबहादुर राय की विशेष उपस्थिति रही। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में अयोध्या की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को विविध आयामों में प्रस्तुत किया गया। समापन दिवस पर भविष्य की अयोध्या - शासन और समाज विषय पर आयोजित विमर्श में अयोध्या के समग्र विकास, सांस्कृतिक अस्मिता और प्रशासनिक दृष्टि पर गंभीर मंथन हुआ। इस अवसर पर अयोध्या पर्व के संयोजक लल्लू सिंह, अयोध्या न्यास के सचिव राकेश सिंह और वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र पांडेय मौजूद रहे।
प्रमुख वक्ताओं के विचार-
भारत की मूल पहचान संवेदनशीलता और सामाजिक आत्मीयता रही है। अब आवश्यकता मंदिर निर्माण से आगे बढ़कर भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की है।
-चंपत राय, महामंत्री, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट
अयोध्या पर्व एक ऐसा मंच है, जहां अध्यात्म, समाज और समकालीन विचार एक साथ आते हैं। वर्तमान की अयोध्या ही भविष्य की दिशा तय करेगी।
- रामबहादुर राय, अध्यक्ष, आईजीएनसीए
अयोध्या एक सनातन पुरी है, जो भूत और भविष्य की सीमाओं से परे है। इसका स्वरूप केवल भौतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है।
-मिथिलेश नंदिनी शरण