सेक्टर-110 की मार्केट में बृहस्पतिवार शाम सीवर में उतरे तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई। दो कर्मी पहले साथी को बचाने के लिए सीवर में उतरे थे। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद अग्निशमन कर्मियों ने तीनों के शवों को बाहर निकाला।
हादसे के बाद से सीवर की सफाई करा रहा नोएडा प्राधिकरण का ठेकेदार फरार है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन ने हादसे में हुई लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। साथ ही, उन्होंने तीनों मृतकों के लिए 10-10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।
शाम करीब चार बजे नोएडा प्राधिकरण का ठेकेदार गाजियाबाद निवासी सोमवीर तीनों युवकों से सीवर की सफाई करा रहा था। इनमें से एक सफाई कर्मी पहले बिना मास्क और सेफ्टी बेल्ट के सीवर में उतरा और बेहोश हो गया।
उसे बचाने के लिए पीछे से दो और सफाई कर्मी बिना मास्क और सेफ्टी बेल्ट के सीवर में उतर गए। दोनों भी सीवर के अंदर जहरीली गैस की वजह से बेहोश हो गए। तीनों के सीवर में बेहोश होते ही ठेकेदार सोमवीर मौके से भाग निकला।
वहां मौजूद सुपरवाइजर ने आसपास के लोगों की मदद से सीवर में रस्सा डालकर सफाई कर्मियों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने शाम करीब साढ़े चार बजे 100 नंबर पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद थाना फेज दो पुलिस और फेज दो के अग्निशमन अधिकारी मामचंद बड़गूजर टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
दो घंटे के बाद हुई पहचान
पुलिस के मुताबिक, सीवर में डूबकर मरने वाले युवकों की पहचान राजेश, रविंद्र व विकास के रूप में हुई है। तीनों की उम्र करीब 25 वर्ष है। तीनों ग्राम सुडनी, जिला गोड्डा झारखंड के रहने वाले हैं। ठेकेदार के भागने के कारण इनकी पहचान दो घंटे के बाद रात करीब 9 बजे हो सकी। परिजनों को सूचना दे दी गई है।