राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जाम से छुटकारा दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने शहर के विभिन्न इलाकों को रेल से जोड़ने की योजना बनाई है।
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केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में रोजाना के भीड़ से निजात दिलाने के लिए रिंग रोड ट्रेन चलाने और कई फ्लाईओवर, एलिवेटेड हाईवे और रिंग रोड बनाने की योजना बनाई है।
नायडू ने सोमवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए जल्द ही कई नए फ्लाईओवर, रिंग रोड, एलिवेटेड हाईवे का निर्माण और मेट्रो लाइनों का विस्तार किया जाएगा।
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इसके लिए शहरी विकास सचिव के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई है, जो योजना के जरूरी मानकों पर सलाह के साथ अपनी रिपोर्ट 45 दिन में केंद्र और दिल्ली सरकार को सौंपेगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली से होकर गुजरने वाले दूसरे राज्यों के वाहनों को शहर के बाहर से निकालना जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्वी और पश्चिमी पेरीफरल एक्सप्रेसवे को तीन साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जाम से छुटकारा दिलाने की दिशा में 2006 में 135-135 किमी लंबे एक्सप्रेसवे बनाने की योजना तैयार की गई थी। पूर्वी पेरीफरल एक्सप्रेसवे से गाजियाबाद, फरीदाबाद, गौतम बुद्ध नगर और पलवल, जबकि पश्चिमी एक्सप्रेसवे से कुंडली को पलवल वाया हरियाणा के मानेसर से जोड़ा जाएगा।
साफ होगी यमुना, दूर होगा जाम
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने यमुना नदी की सफाई से लेकर दिल्ली के पेयजल संकट को जल्द दूर करने का ऐलान किया। साथ ही दिल्ली के यातायात जाम की समस्या को दूर करने के लिए उपाय किए जाने की घोषणा की है।
सोमवार को द्वारका में दिल्ली जल बोर्ड की इंटरसेप्टर सीवर परियोजना के पप्पनकलां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और वॉटर एटीएम के उद्घाटन समारोह में उन्होंने यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की पुख्ता योजना है। इस योजना के पहले फेस में नदी के प्र्रदूषण में 50 फीसदी मुक्त हो जाएगी, जबकि अगले फेस में नदी पूरी तरह साफ हो जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यमुना को साफ रखने के साथ-साथ राजधानी के निवासियों को पेयजल संकट से भी निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वह मुनक नहर के माध्यम से दिल्ली को पानी दिलवाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात करेंगे।
इसके अलावा दिल्ली के ऊपर से यातायात का भार कम करने और यातायात जाम की समस्या दूर करने की दिशा में बाईपास और फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में यातायात का भार कम करने की योजना भी तैयार की जा रही है। इसके लिए दिल्ली के चारों ओर बाईपास बनाए जाने जाएगा और विभिन्न फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा।
द्वारका को विश्वस्तरीय बनाने की कवायद
वेंकैया नायडू ने द्वारका के लोगों को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही है। सोमवार को उन्होंने द्वारका निवासियों को भी कई तोहफे देने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि द्वारका में 13 समुदाय भवन, एक फुटबॉल स्टेडियम, इंडिया हैबिटेट सेंटर की तरह सांस्कृतिक केंद्र्र, साइकिल ट्रैक बनाने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पहली बार साइकिल शेयरिंग योजना शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि द्वारका इलाके में कचरा प्रबंधन प्लांट लगाया जाएगा। इसके अलावा इसके अलावा सेक्टर-8 व 17 में तीन साल के अंदर दो खेल परिसर बनाने की योजना है। जबकि वहीं 200 एकड़ में भारत वंदना पार्क अगले तीन वर्षों में बनाया जाएगा। वहीं, द्वारका में अगले वर्ष करीब 20 एंबेसी शिफ्ट की जाएगी। इसके लिए भूमि आवंटित कर दी गई है।
वहीं समारोह में मौजूद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र्र प्रधान ने कहा कि एनडीए सरकार एक के बाद एक राहत लोगों को दे रही है।
उधर पश्चिम दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा ने द्वारका मेट्रो रेल लाइन को ढांसा बॉर्डर तक बढ़ाने का आग्रह किया, वहीं इलाके के विधायक राजेश गहलोट इलाके की पेयजल समस्या से दोनों मंत्रियों को अवगत कराते हुए उसका समाधान करने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम में दक्षिण दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष आशीष सूद, पार्षद प्रदीप कुमार, शशि तोमर, मुख्य सचिव डीएम सपोलिया, जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय कुमार भी उपस्थित थे।
इंटरसेप्टर सीवर परियोजना के अंतर्गत 59 किमी लंबाई में तीन मुख्य नालों नजफगढ़, सप्लीमेंट्री और शाहदरा में 180 छोटी नालियों के सीवेज को इंटरसेप्ट करके पास के अवजल शोधन संयंत्र में पहुंचाया जाएगा। इसके चलते केवल शोधित अवजल ही मुख्य नालों में पहुंचेगा।
यह परियोजना छह पैकैज में विभाजित है। इन छह पैकेज में इंटरसेप्टर सीवर, मैनहोल, सीवेज पम्पिंग स्टेशन और राइजिंग मैन शामिल है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1962 करोड़ रुपये है।