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VIDEO: क्या हुआ जो पूर्व मंत्री छूने लगे महिला पार्षद के पैर!

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गुडग़ांव गांव से ताल्लुक रखने वाले पूर्व खेल राज्यमंत्री सुखबीर कटारिया और इनेलो नेता व पार्षद सुनीता कटारिया के बीच टकराव किसी से छिपी नहीं है। निजी कार्यक्रमों के अलावा कई बार सार्वजनिक मंच पर महिला पार्षद उनके खिलाफ बयानबाजी करती रही हैं।
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फर्जी वोट बनवाने के आरोपों को लेकर महिला पार्षद भी पूर्व मंत्री पर कई बार आरोप लगा चुकी हैं। इस विधानसभा चुनाव से पूर्व फर्जी वोट बनवाने के मामले में एसआईटी 27 मामलों में सुखबीर को आरोपी ठहराते हुए केस दर्ज करने की सिफारिश की है।

इस विधानसभा चुनावों करारी शिकस्त के बाद चौरतरफा घिरे पूर्व खेल राज्यमंत्री का सोमवार को एक विडियो वायरल हुआ। इसकी एक कॉपी अमर उजाला के हाथ लगी है। 8.16 मिनट के इस विडियो में वह घर के अंदर महिला पार्षद से माफी मांगते दिखाए गए हैं।
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विडियो में महिला पार्षद उन्हें झिड़कते हुए नजर आती हैं। इसमें कई और लोग भी दिखाए गए हैं। वीडियो देखकर लगता है कि सुखबीर कटारिया और इनेलो पार्षद की बातचीत उनके बीच के ही किसी व्यक्ति ने तैयार कर वायरल की है। वीडियो देखिए पांचवें पन्ने पर।

'मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ता हूं। माफ कर दो'

वीडियो में कुछ तरह की बातें की जा रही हैं।

महिला पार्षद- बनी की नहीं बनी। म्हारे गैला इतना विरोध?
सुखबीर कटारिया- (खड़े होकर हाथ जोड़ते हुए) मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ता हूं। माफ कर दो (महिला पार्षद के पैरों को हाथ लगाते हुए)

महिला पार्षद- ना मैं तेरे आगे हाथ जोड़ू सूं। मने माफ कर दे। जब कोर्ट में हांडे तो एक बार भी नहीं कहा कि भाभी घर चली जा। शादी से 15 दिन पहले जमानत कराकर आई हूं। बता कभी पार्टी में न्यू कई हो कि फलाना इस्या। ढिकड़ा इस्या।
सुखबीर कटारिया- इसमें मेरा कोई रोल नहीं। अगर मेरा रोल हो तो। आपका जूता मेरा सिर।

महिला पार्षद-सब दुनिया पैसे कमाए। पूरी जिंदगी ना कटे। तू जेल जाइए। तेरी रोटी मैं लेकर आऊंगी। (डांटते हुए) मेरा जी जाने कि मैं महिला होकर कोर्ट, कचहरी, थाने के चक्कर काट्ये। (अपने लड़के के बारे में बताती हुई) छोरे के गोली चलवा दी।
सुखबीर कटारिया-ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। आप किसी से भी पूछ लो ऐसा नहीं था। मैंने कभी भी आपसे बद्तमीजी नहीं की है। हमने तो अपनी ऐसी-तैसी करवा ली ना देख लो आज। मैं सिर्फ सेक्टर पांच में गया था।

तीसरा व्यक्ति- नहीं भाई, ये हमारे यहां भी आया था।
महिला पार्षद- गांव की लड़ाई। गांव का भाईचारा निपट्या कर्या कर। मने कभी तेरे त कोई काम नहीं कहा। फिर भी तने ऐसा क्यूं किया? तुमने खूब पैसे कमाए?
सुखबीर कटारिया-मैंने कोई पैसे नहीं कमाए (सहमे हुए अंदाज में)
(तीसरे व्यक्ति और पूर्व मंत्री के बीच बातचीत हो रही है। जिसमें किसी निजी मुद्दे पर बात कर रहे है)

अंत में वह महिला पार्षद कह रही है कि उस समय आ जाता। गांव में कह देता आपकी जूती मेरा सिर। अब कौनसे लिहाज से आए हो?

अदालत ने 11 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया

पिछले विधानसभा चुनाव में फर्जी वोट बनवाने के आरोप से घिरे पूर्व खेल राज्यमंत्री सुखबीर कटारिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को इस मामले में स्थानीय अदालत ने 11 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। इसमें एक एसीपी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।

दूसरी तरफ पुलिस की एसआईटी टीम की तरफ से फर्जी वोट बनवाने से संबंधित 27 मामलों में पूर्व मंत्री समेत अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की सिफारिश की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार, एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर 15 से ज्यादा मामलों पर केस दर्ज होने की स्वीकृति मिल चुकी है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पूर्व मंत्री के खिलाफ अब तक नौ मामले दर्ज कर चुकी है। जिनकी जांच चल रही है।

विधानसभा चुनाव के बाद फर्जी वोट बनवाए जाने को लेकर मामला सुर्खियों में आया था। मतदाता जागरूक मंच की ओर से 186 शिकायतें पुलिस को दी गई थीं, जिसमें कई मामलों में कोर्ट के आदेश पर पुलिस समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मंच के ओमप्रकाश कटारिया की शिकायत पर कोर्ट में पिछले काफी समय से मामले की सुनवाई चल रही है। ओमप्रकाश बनाम सतीश के मामले में सोमवार को सीजेएम मालविका की कोर्ट में सोमवार को सुनवाई के दौरान पूर्व खेल राज्यमंत्री सुखबीर कटारिया पेश हुए।

पेशी के दौरान पूर्व मंत्री काफी परेशान नजर आए

पेशी के दौरान पूर्व मंत्री काफी परेशान नजर आए। हालांकि उन्होंने ज्यादा बातचीत नहीं की। उनके वकील ने कोर्ट में अपनी बात रखी। इसके बाद वे चले गए। इस मामले में सुखबीर कटारिया समेत 12 लोगों के खिलाफ आरोप हैं। सोमवार को कोर्ट ने अन्य 11 लोगों की गैर मौजूदगी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।

इनमें एसीपी मानेसर नरेंद्र कादियान के अलावा सतीश, रामफूल, सुनील, ओमवती, लाली, पूर्व खेल राज्यमंत्री का बेटा नीतिश, साला राजेश राणा, पीए लक्ष्मीनारायण और सुमेर के अलावा बलजीत सिंह हैं। इस मामले में कोर्ट ने 13 नवंबर को अगली तारीख की घोषणा की है।

पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी
फर्जी वोट के एक अन्य मामले में सोमवार को हरियाणा एवं पंजाब हाईकोर्ट ने सोमवार को ओमप्रकाश बनाम प्रदीप के मामले की सुनवाई में गुड़गांव पुलिस को केस दर्ज नहीं करने पर लताड़ लगाई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल को नोटिस भी जारी किया है। इस मामले में शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ने 26 लोगों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज न दर्ज करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।
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