केन्द्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने बुधवार शाम को रोहिणी जिले के विजय विहार थाने में छापा मारा और विजय विहार थानाध्यक्ष एसएस चहल व दो सिपाही बद्री व जितेन्द्र को गिरफ्तार किया। इनको दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। बद्री विजय विहार थाने का चिट्ठा मुंशी है जबकि जितेन्द्र बीट कांस्टेबल बताया जा रहा है।
सीबीआई ने तीनों को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में विभागीय कार्रवाई की जा रही है। ये भी बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष समेत तीनों को निलंबित कर दिया गया है।
मांगे थे पांच लाख रुपये
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि एक शिकायतकर्ता ने सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा से संपर्क किया था कि विजय विहार थाने के थानाध्यक्ष एसएस चहल एक प्लॉट के निर्माण की अनुमति देने के लिए उससे पांच लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इसकी लिखित शिकायत सीबीआई को दी।
इसके बाद सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को दो लाख रुपये लेकर थानाध्यक्ष के पास भेजा गया। जैसे ही थानाध्यक्ष ने पैसे लिए सीबीआई टीम ने थानाध्यक्ष व दो सिपाहियों को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष एसएस चहल के पास काफी संपत्ति है। सीबीआई ने द्वारका स्थित उनके घरों में छापेमारी की और वहां से काफी आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं।
पहली बार थानाध्यक्ष बने थे चहल...
एसएस चहल दो वर्ष पहले विजय विहार थानाध्यक्ष लगे थे। बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष के कब्जे से रिकवरी नहीं हुई है। मगर सीबीआई ने जो एफआईआर दर्ज की है वह थानाध्यक्ष एसएस चहल के खिलाफ की है। सीबीआई के पास थानाध्यक्ष की शिकायतकर्ता के साथ हुई बातचीत की रिकार्डिंग है। पैसे की रिकवरी सिपाही बद्री व जितेन्द्र से हुई है।