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एटीएम कार्ड क्लोन कर रकम निकालने वाले तीन गिरफ्तार, लगा चुके हैं ठगी का शतक

Sat, 02 Nov 2019 08:50 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर देशभर में लोगों को चूना लगाने वाले मुंबई के गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनसे 67 क्लोन कार्ड, एक स्किमिंग मशीन, दो गुप्त कैमरे, एक एमएसआर राइटर, एक लैपटॉप आदि सामान बरामद किया है। 

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पुलिस के अनुसार आरोपियों का नेटवर्क देशभर में फैला है और 100 से अधिक लोगों को चूना लगा चुके हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामलों की छानबीन कर रही है। 

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त डॉ. जी राम गोपाल नायक ने बताया कि पिछले दिनों राजधानी में एटीएम और क्रेडिट कार्ड क्लोन कर ठगी किए जाने की वारदात में इजाफा हुआ था। अपराध शाखा की एसटीएफ मामलों की छानबीन कर रही थी। 
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शुक्रवार को सूचना मिली कि एटीएम कार्ड क्लोन करने वाले गिरोह के कुछ बदमाश सराय काले खां बस अड्डे के पास आने वाले हैं। वहां चेकिंग में जुटी पुलिस टीम ने रात करीब नौ बजे एक कार को रुकने का इशारा किया तो आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। 

पुलिस ने कार का पीछा कर उसमें सवार तीन लोगों को पकड़ लिया। जांच में पता चला कि तीनों एटीएम कार्ड क्लोन करने वाले गिरोह के बदमाश हैं। आरोपियों की पहचान श्रीयांश नितिन कोथाडिया (38), अनुभव नायक उर्फ बाबू (23) और दिलशाद (33) के रूप में हुई। तीनों मुंबई के रहने वाले हैं और ठगी के इरादे से दिल्ली आए थे। 

पुलिस उपायुक्त के अनुसार आरोपियों से बरामद एमएसआर राइटर एक ऐसी डिवाइस है जिसकी मदद से खाली कार्ड में चुराया गया डाटा फीड किया जाता था। आरोपियों ने देशभर में 100 से अधिक लोगों से ठगी करने की बात कबूल की है।
 

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ऐसे करते थे ठगी

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एटीएम क्लोन में इस्तेमाल होने वाली डिवाइस एक नाइजीरियन नागरिक से खरीदी थी। वह ज्यादातर बिना गार्ड वाले एटीएम में पहुंचकर वहां स्किमिंग मशीन और गुप्त कैमरा लगा देते थे। कोई भी शख्स उन एटीएम से कैश निकालने जाता तो उसके कार्ड का डाटा स्किमिंग मशीन में चोरी कर लिया जाता था। 

इसके बाद आरोपी एमएसआर मशीन से खाली कार्ड व गुप्त कैमरे से लिए गए पिन नंबर से नया कार्ड तैयार करते थे। इसके बाद पीड़ितों को पता भी नहीं चलता और उनके खातों से रकम निकाल ली जाती थी। आरोपी पिछले करीब दो साल से मुंबई, गुजरात, दिल्ली, यूपी सहित कई राज्यों में वारदात कर चुके थे। 
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