उन्होंने बताया कि उसके बाद से कंपनियों के कार्यालय बंद थे और आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। छानबीन करने पर पता चला कि आरोपियों ने मार्केट के 48 कारोबारियों से करीब 14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। कारोबारियों की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा ने जांच शुरू की।
जांच के बाद पुलिस ने रमन मुर्गन और सुंदर राजन को साल 2020 में गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए। जांच में पता चला कि वेंकटरमन पिछले 20-22 साल से गांधीनगर मार्केट में बतौर एजेंट काम करता था। उसने आरोपी रवि चेट्टी, टी. वेंकटसन और शिवा को दक्षिण भारत का बड़ा व्यापारी बताया।
आरोपियों ने दो फर्जी कंपनियां भी बनाईं
उन्होंने दो फर्म कामाची ट्रेडर्स और जय हनुमान ट्रेडिंग भी बनाई और कारोबारियों से कपड़े लेकर बाजार से गायब हो गए। निरीक्षक नवीन दहिया के नेतृत्व में टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। 22 अगस्त को पुलिस को तीनों आरोपियों के कड़कड़डूमा इलाके में आने की जानकारी मिली। पुलिस ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि सभी आरोपी तमिलनाडु के कृष्णा गिरी जिले में कपड़े बेचते थे। उन्हें अपने निजी खर्चों के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। उन्होंने गांधी नगर मार्केट के व्यापारियों को एक साथ ठगने की योजना बनाई। खुद को दक्षिण भारत के बड़े व्यापारी बताकर अपने परिचित वेंकटरमन से संपर्क किया।