अमर कॉलोनी थाना पुलिस ने दो सगे भाइयों से 73 लाख रुपये लूटने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने एक भाई को गोली मारकर रकम लूट ली थी। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। एक आरोपी उसी कंपनी में काम करता था, जिसमें दोनों भाई काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 16.1 लाख रुपये, देशी कट्टा, दस कारतूस, दो मोबाइल व एक सोने की चेन बरामद की है।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कि दो सगे भाई पवन पांडेय व विजय पांडेय कालकाजी स्थित कंपनी में काम करते थे। 29 फरवरी को दोनों कंपनी की 73 लाख रुपये की रकम को लेकर ऑटो से प्रकाश मोहल्ला, गढ़ी ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित घर जा रहे थे। घर के पास पवन (36) पैसों से भरे बैग को लेकर नीचे उतर गया। तभी वहां पर बाइक पर दो युवक आए और बैग छीनने की कोशिश की।
पवन ने विरोध किया तो बाइक सवार बदमाशों ने पवन पांडेय के मुंह पर गोली मार दी और 73 लाख रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गए। विजय पांडेय ने रात करीब 7.30 बजे पुलिस को इसकी सूचना दी थी। पवन पांडेय को नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसीपी कालकाजी गोविंद शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर प्रेम कुमार, एसआई अमित प्रकाश व एसआई राकेश कुमार की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस टीम को मौके से एक खोल व एक कारतूस मिला। मौके की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो टैक्सी व मोटरसाइकिल संदिग्ध स्थिति में घूमती हुई दिखाई दीं। टैक्सी मालिक का पता करते हुए पुलिस साहिबाबाद, यूपी पहुंची। यहां पर टैक्सी चालक ने बताया कि उसने टैक्सी गाजीपुर निवासी एक व्यक्ति को बेच दी थी। पुलिस यहां पहुंची तो पता लगा कि टैक्सी का मालिक सुशील बंसल है। पुलिस ने राजेंद्र नगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, यूपी निवासी सुशील बंसल(28) को गिरफ्तार कर लिया।
इसके कब्जे से पुलिस ने छह लाख रुपये बरामद कर लिए। सुशील की निशानदेही पर उसके साथी गाजियाबाद यूपी निवासी दीपक शर्मा उर्फ पंडित(22) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 10 लाख 10 हजार रुपये बरामद किए गए। इससे पूछताछ के बाद इनके तीसरे साथी रमेश मौर्या को गिरफ्तार कर लिया। राजेश मौर्या उसी कंपनी में काम करता था जिसमें दोनों भाई काम करते थे। दीपक शर्मा ने पवन पांडेय को गोली मारी थी।