नोएडा के व्यापारियों से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम पर रंगदारी मांगी जा रही है। साथ ही कहना न मानने पर काम बंद करवाने और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही हैं।
इसके संबंध में व्यापारी धरमवीर ने एसएसपी से शिकायत की है। मामला सेक्टर-24 थाने का है। सेक्टर-12 निवासी व्यापारी धरमवीर पुत्र अतराज सिंह ने थाना-24, सीओ टू और एसएसपी से शनिवार को रंगदारी वसूली के संबंध में शिकायत की है।
इसमें कहा है कि पिछले कुछ दिनों से एक नंबर से फोन आ रहा है जो कि उनके चल रहे काम में पचास फीसदी की हिस्सेदारी मांग रहे हैं।
मांगी 50 फीसदी की हिस्सेदारी भी
साथ ही कहना न मानने पर काम बंद करवाने की धमकी दे रहे हैं। शिकायत में सपा के दो स्थानीय नेताओं का नाम भी शामिल है। इसके संबंध में शनिवार को सेक्टर-16 में प्रेसवार्ता की गई। शिकायतकर्ता ने कहा कि सेक्टर-98 में उनका कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है।
इसमें पचास फीसदी की हिस्सेदारी देने के लिए पिछले कुछ दिनों से फोन आ रहे हैं। उन्होंने धमकी दी है कि कहना नहीं माना तो मुख्यमंत्री से कहकर साइट बंद करवा देंगे। उन्होंने कहा कि फोन करने वालों ने लोकसभा चुनावों में सपा की आर्थिक सहायता करने के लिए भी दबाव बनाया था।
तब उन्होंने करीब 25 लाख रुपये भी दिए थे। उन्होंने कहा कि खुद को सपा नेता बताने वालों ने धमकी दी है कि यदि हिस्सेदारी नहीं दी तो पूरे एनसीआर में कहीं कार्य नहीं करने देंगे और जान से मार देंगे।
ज्वेलर से मांगी डेढ़ करोड़ की रंगदारी
दिल्ली के कोतवाली इलाके में एक ज्वेलर से डेढ़ करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। खुद को राहुल पहलवान कहने वाले एक बदमाश ने रुपये नहीं देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी ज्वेलर को दी है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने उगाही और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
रामजस रोड, करोलबाग निवासी नरेंद्र खंडेलवाल (45) की चांदनी चौक के कूंचा बालान में कामख्या सिल्वर कॉर्नर नाम की ज्वेलरी की दुकान है। 19 जून को नरेंद्र ने कोतवाली थाने में शिकायत की। उसने बताया कि 13 जून की दोपहर वह बेटे तुषार के साथ दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान तीन युवक उनकी दुकान में घुस आए।
उनमें से एक ने डेढ़ करोड़ रुपये देने के लिए कहा। किस बात के रुपये पूछने पर एक युवक ने नरेंद्र को थप्पड़ मार दिया और बताया कि उसका नाम राहुल पहलवान है। उसने दो दिन के अंदर रुपये नहीं देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी नरेंद्र को दी। दो दिन बाद नरेंद्र के मोबाइल पर कॉल आई।