सतीश के मुताबिक, बाइक पर सवार तीन युवकों ने ओवरटेक कर बस को रोक लिया। तीनों युवकों ने मुंह पर रुमाल बांध रखा था। तीनों बस के अंदर घुस गए। एक युवक ने ड्राइवर से स्थायी कर्मचारी होने की बात पूछी और फिर तीनों सतीश के पास आए।
युवकों ने उसे हड़ताल के दौरान ड्यूटी पर आने को लेकर धमकाया। फिर उसे पीटना शुरू कर दिया। मार्शल ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की। बावजूद तीनों युवक उसकी पिटाई करते रहे और हड़ताल के दौरान कार्यालय आने पर जान से मारने की धमकी दी। हिमांशु ने 100 नंबर पर पुलिस को फोन कर दिया।
उसके बाद हमलावर फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने सतीश का मेडिकल करवाया। उसके बयान पर 1 नवंबर को पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।