जनपद में करीब 34 हजार नए मतदाता बगैर पहचान पत्र के ही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदाता सूची में नाम होने से उन्हें मतदान का अधिकार होगा। हालांकि पहचान पत्र न मिलने से उनमें संशय की स्थिति है। लेकिन प्रशासनिक स्तर पर जानकारी देकर उनका भ्रम दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, मतदाताओं का कहना है कि उन्होंने एक माह पूर्व ही आवेदन कर दिया था। इसके बाद भी उन्हें पहचान पत्र मुहैया नहीं कराया जा रहा है।
जनपद में तीन विधान सभाओं में कुल 14 लाख 88 हजार 925 मतदाता है। इस बार 1 लाख 34 हजार 788 नए मतदाता जोड़े गए हैं। जिनके पहचान पत्र बनवाए जा रहे हैं। जिला निर्वाचन ने हाल ही में एक पत्रकार वार्ता में बताया था कि 99 हजार नए मतदाताओं के पहचान पत्र प्रिंट हो चुके हैं।
बीएलओ द्वारा उन्हें एक सप्ताह में पहचान पत्र मुहैया करा दिए जाएंगे। जबकि करीब 34 हजार पहचान पत्र छपने के लिए चेन्नई भेजे गए हैं। जिनकी छपाई जल्द होने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन नोएडा के प्रशासनिक कार्यालय में नए मतदातओं को चुनाव के बाद पहचान पत्र मिलने की जानकारी दी जा रही है। इसको लेकर वह चिंता में है। हालांकि उन्हें बताया गया है कि यदि उनका नाम वोटर लिस्ट में है तो वह मतदान कर सकेंगे।
लोगों में संशय और चिंता
पहचान पत्र लेने के लिए सेक्टर-19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंच रहे सैकड़ों लोगों में पहचान पत्र को लेकर संशय बना हुआ है। चिंता है कि कहीं पहचान पत्र न होने से उन्हें मताधिकार से वंचित न कर दिया जाए। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मतदान कराने का दंभ तो भरा जा रहा है। लेकिन हकीकत तो बाद में ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल तो इसे लेकर लोग पशोपेश की स्थिति में हैं।