गौतमबुद्ध नगर की 31 इकाइयों को चिह्नित किया गया था। 15 से अधिक इकाइयों को नोटिस जारी हो चुका है। आईआईए ग्रेटर नोएडा चेप्टर के अध्यक्ष एसपी शर्मा का कहना है कि इन 31 कंपनियों में कई नामी और बड़ी कंपनियों है। इनसें 200 से अधिक छोटी और बड़ी कंपनियां जुड़ी है। अगर बड़ी कंपनियों का उत्पादन बंद हो जाएगा तो फिर छोटी कंपनियां स्वत: ही बंद हो जाएंगी। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों और मजदूरों के रोजगार पर संकट के बादल छा जाएंगे।
इन कंपनियों पर बंदी का संकट
श्री जगदंबा नीट्स प्राइवेट लिमिटेड सूरजपुर, न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा, एक्सपर्ट मेटलटेक प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा, जीटी कार्गो प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा, मेटेरियल मोबेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, आरएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड सूरजपुर, राहुल लोनटेक प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा और विमल डाइंग ग्रेटर नोएडा।
इन कंपनियां को कारण बताओ नोटिस
कलर एंड स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड सूरजपुर, एमके लैदर ट्रेडिंग कंपनी सूरजपुर, स्काई लॉर्क डाइंग प्राइवेट लिमिटेड सूरजपुर, इंडिया यामाहा मोटर प्राइवेट लिमिटेड दादरी रोड, सुचि पेपर मिल छपरौला जीटी रोड, क्वांत्रा पेपर प्राइवेट लिमिटेड धूम मनिकपुर, अंबर इंटरप्राइजेज लिमिटेड कासना, कैपिटल डाइंग वर्क सूरजपुर, सीएंडएस लिमिटेड कासना, इंडस ट्यूब लिमिटेड छपरौला जीटी रोड, जयानिता एक्सपोर्ट कासना, जेएमवीएलपीएस प्राइवेटे लिमिटेड यूपीएसआईडीसी, जेबीएम ऑटोटेक ग्रेटर नोएडा, निप्पन ट्यूब लिमिटेड छपरौला, विकास इंडस्ट्रीज ग्रेटर नोएडा, मेटलटेक डिजाइन उद्योग केंद्र, इंडिया डाइंग एंड टेक्सटाइल ग्रेटर नोएडा, न्यूमेन कंपोनेंट्स कासना, सूर्या फ्रेश फूड लिमिटेड दादरी रोड और केआरबीएल लिमिटेड जीटी रोड।
इन कंपनियाें को मानक करने होंगे पूरे
चौधरी स्किन ट्रेडिंग कंपनी सूरजपुर, हीरो मोटर्स लिमिटेड अच्छेजा जीटी रोड ग्रेटर नोएडा और होंडा सिएल पावर प्रोडक्ट लिमिटेड इकोटेक-1।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। अध्यक्ष एसपी शर्मा का कहना है कि बंदी का नोटिस जारी करने से पहले समय दिया जाना चाहिए था, ताकि कंपनियां एनजीटी के मानकों को पूरा कर सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे कंपनियों पर काफी असर पड़ेगा।
कई विभागों को भी नोटिस की प्रति भेजी गई है। अगर कंपनी एनजीटी के मानकों को पूरा कर लेती है तो फिर इन विभागों से पार पाना पड़ेगा। कंपनियों बंद होने से विकास पर असर पड़ेगा। अगर राज्य में ऐसा ही हाल रहा तो यहां कंपनियां आना बंद हो जाएंगी। साथ ही जो चल रही है वो भी बंद हो जाएंगी। आज उद्यमी इस पर मंथन करके अगली रणनीति तय करेंगे।
बिजली, पानी की सुविधा तत्काल होंगी बंद
कंपनियों को जो नोटिस भेजा जा रहा है। उसकी एक प्रतिलिपि प्राधिकरण, बिजली विभाग, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिलाधिकारी को भेजी गई है। इन कंपनियों की बिजली और पानी की आपूर्ति को तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया है। साथ ही, उद्योग विभाग से अन्य सुविधाओं को भी तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया है।
दूसरे दिन भी बंद रहा उत्पादन, कर्मचारी परेशान
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस पर न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर कंपनी प्रबंधन ने बुधवार को उत्पादन बंद कर दिया था। लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी उत्पादन बंद रहा। उत्पादन बंद होने से कर्मचारी परेशान हैं। उनको समझ नहीं आ रहा है कि आखिर हो क्या रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी की तरफ से संदेश दिया गया है कि अभी उत्पादन बंद रहेगा। सभी अपने घर चले जाए। जब काम शुरू होगा तो बता दिया जाएगा। इससे कर्मचारी परेशान है।
कंपनियों की बिजली आपूर्ति बंद करने का अभी कोई आदेश नहीं मिला है। अगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से ऐसा आदेश आता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।- सारनाथ गांगुली, जीएम, एनपीसीएल
एनजीटी के आदेश पर प्रदूषण विभाग द्वारा 5-6 कंपनियों का उत्पादन बंद होने की जाने की जानकारी मिली है। अभी में लखनऊ में मीटिंग में हूं। वापस आने पर पूरा जानकारी दी जाएगी।- बीएन सिंह, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर