यूनिवर्ल्ड रिसोर्ट्स सेक्टर-33 निवासियों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के हस्तक्षेप के बाद भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। बारिश का सीजन दहलीज पर आने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
यूनिटेक बिल्डर के रुख से परेशान लोगों का कहना है कि अब उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वह किसके पास अपनी परेशानी लेकर जाएं।
निवासियों की चिंता का सबसे बड़ा सबब उनके अपार्टमेंट से बिल्कुल सटा अंडर कंस्ट्रक्शन बेसमेंट है। आशंका है कि यह तेज बारिश की सूरत में धंस सकता है। रविवार को हुई बारिश के बाद से इन सभी की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेसमेंट की मिट्टी में बिना बारिश के ही रोजाना कटाव हो रहा है।
अगर तेज बारिश हुई तो इस कटाव की तीव्रता बढ़ जाएगी। जिससे यहां के रिहायशी टावर को खतरा हो सकता है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी इस मामले में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। 10 अप्रैल को मुख्यमंत्री के समक्ष ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में यूनिटेक बिल्डर के इस मामले को उठाया गया था।
उस दौरान उन्होंने आदेश दिया था कि आपदा प्रबंधन टीम का गठन किया जाए जो मौका मुआयना करे। मगर अभी तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। यूनिवर्ल्ड रिसोर्ट्स रेजिडेंट्स एसोसिएशन सेक्टर-33 कोर कमेटी सदस्य मंजूर अहमद का कहना है कि सीएम के आदेश का भी पालन नहीं हो रहा है। अब किससे गुहार लगाई जाए यह बात समझ में नहीं आ रही है।
आसपास के टावरों को अंडर कंस्ट्रक्शन बेसमेंट से काफी खतरा हो गया है। तेज बारिश के दिनों में यहां कोई भी हादसा हो सकता है। यूनिवर्ल्ड रिसोर्ट्स सेक्टर-33 निवासी गौरव त्रेहन ने कहा कि लोगों को बचाने के लिए सरकार को इस मामले में कुछ ठोस करना होगा। वहीं पुनीत ठाकुर ने कहा कि लोग डर-डर कर यहां रह रहे हैं।