क्षयरोग को जड़ से खत्म करने के लिए भले ही हरियाणा सरकार संजीदा हो। किंतु सालों से मरीजों को दवाई खिलाकर ठीक करने वाले प्रोवाईडरों को बीते छह साल से मेहनताना तक नहीं मिला।
आखिरी बार प्रदेश में वित्तवर्ष 2010-11 के दौरान लाखों रूपये जारी हुए थे। तब भी कुछ डॉट्स प्रोवाईडरों को वितरण हुई राशि से वंचित रहना पड़ा था।फिलहाल प्रदेशभर में दवाई खिलाने वाले कार्यकर्ताओं के 18213350रू बकाया पडे़ हैं।
जबकि वित्तवर्ष 2016-17 के लिए त्रिमासिक धनराशि 5268000 जारी करने की योजना पर विचार हुआ है। राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. राकेश सहल बताते हैं कि प्रदेश में जो भी क्षय रोग की दवाई खिलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता व आशा वर्कर हैं उन्हें जल्दी ही बकाया राशि का भुगतान किया जायेगा। हरियाणा सरकार प्रांत को टीबी मुक्त बनाने में प्रयासरत है। इसके लिए कई गैर सरकारी संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है।