एयर टिकट के नाम पर ग्राहकों को लुभावने ऑफर में फंसाकर ठगी का भंडाफोड़ हुआ है। इसका संचालन करनेवाला दंपति चालाकी से ग्राहकों के पैसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लेता था।
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका पति फरार है। पुलिस का दावा है कि इस दंपति ने एनसीआर में सैकड़ों ग्राहकों के लाखों रुपये ठगे हैं।
उद्योग विहार स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी के अधिकारी ने इसी साल अप्रैल में गुड़गांव पुलिस को शिकायत दी थी। कंपनी ने बताया कि कई साल से एयरलाइंस टिकट के लिए कई कर्मचारी ग्राहकों से अपने खाते में पैसे ट्रांसफर कराकर ठगी कर रहे हैं।
तो इस तरह से होता था ये सब
साइबर सेल की जांच में पता चला कि कंपनी की ओर से ग्राहकों को दी जाने वाली छूट को कंपनी के कई कर्मचारी अपने खातों में कार्ड के जरिये जमा करा देते थे। इससे कंपनी को करोड़ों का नुकसान हो रहा था।
कंपनी का कोई मौजूदा कर्मचारी इस ठगी में शामिल नहीं है। पुलिस की जांच में एक महिला और एक युवक का नाम सामने आया जो करीब डेढ़ साल पहले यहां से नौकरी छोड़कर जा चुके थे।
साइबर सेल ने दोनों के इंटरनेट अकाउंट खंगाले तो सारी सच्चाई सामने आ गई। दिल्ली कीर्ति नगर निवासी वरुण आनंद और उसकी पत्नी बबलीन ने मिलकर इस काम को अंजाम दिया। जिसमें वे अपनी बनाई नई कंपनी से ग्राहकों को टिकट देते।
इस मामले में पुलिस ने कीर्ति नगर के शारदा पुरी में घर पर छापेमारी कर बबलीन को गिरफ्तार कर लिया, महिला के बैंक खाते में 13.75 लाख रुपये जमा हैं।
ग्राहकों के डिस्काउंट उड़ा ले जाती थी ये
एयरलाइंस कंपनी में ग्राहक को टिकट खरीददारी पर वीकली और मंथली ऑफर्स के कैश वाउचर दिए जाते हैं। आरोपी दंपति ने ऑफर्स को अपने हिस्से में लेकर ग्राहक और कंपनी दोनों को भारी नुकसान पहुंचाया।
जांच में पता चला है कि जब कर्मचारियों के पास ऑफर्स से संबंधित जानकारी को लेकर ग्राहक की कॉल आती तो वे तकनीकी आधार पर कॉल काट देते। इसके बाद अपने मोबाइल से कॉल कर ग्राहक को ऑफर्स से दोगुना कैश डिस्काउंट का लालच देकर व्यक्तिगत खाता नंबर दे देते।
ग्राहक को इसकी जानकारी नहीं होती थी और वह टिकट के पैसे जमा करा देता था। कर्मचारी निश्चित राशि का टिकट बनाकर बाकी ऑफर्स की कमाई जेब में डाल लेते थे।
बीकॉम पास महिला के दिमाग की उपज
अप्रैल माह में कंपनी को ग्राहक की शिकायत मिली। कई ग्राहकों ने ई-मेल भेजकर भी इसकी जानकारी दी थी। कंपनी के आला अफसरों ने आईटी एक्सपर्ट से जांच कराई तो कई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई।
उसी पर पुलिस की साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी बबलीन बीकॉम पास है। जांच में सामने आया कि डेढ़ साल पहले उद्योग विहार स्थित कंपनी के दफ्तर में काम करते वक्त उसे यह आइडिया आया था।
जिसके बारे में उसने अपने ब्वॉयफ्रेंड वरुण को बताया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर ठगी का पूरा जाल बुना।