इस बार रामलीला मंचन में पर्यावरण संरक्षण की झलक दिखाई देगी। सेक्टर-15 की श्रद्धा रामलीला कमेटी ने इस ओर कदम उठाया है। रामलीला मंचन के लिए सेक्टर के सामुदायिक भवन को गांव की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।
इस बार बिजली संरक्षण का संदेश देने के लिए रामलीला कमेटी एक भी पीले बल्ब (टंगस्टन) का इस्तेमाल नहीं करेगी। सेक्टर के सामुदायिक केंद्र में रामलीला का मंचन 11 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा।
श्रद्धा रामलीला कमेटी के प्रवक्ता लाजपत चांदना ने बताया कि हर बार कुछ नया किया जाता है। इस बार रामलीला के आयोजन को ईको फ्रेंडली बनाने की कोशिश की गई है।
बच्चों के मनोरंजन के लिए विलेज तैयार किया गया है। जिसमें रामायण के पात्रों के बारे में जानकारी दी जाएगी। रामलीला मंचन के दौरान बीच-बीच में विलेज घूमने वालों से सवाल पूछे जाएंगे।
सही जवाब देने वालों को इनाम भी दिया जाएगा। पिछले कई साल से रामलीला मंचन के दौरान हाई वोल्टेज पीले बल्बों का प्रयोग किया जा रहा था। इस बार एलईडी की रोशनी से परिसर रोशन किया जाएगा।
सीता, राम सहित सभी पात्रों ने की सफाई
पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसका असर इस बार रामलीला की तैयारियों में भी दिख रहा है।
राम, सीता से लेकर रावण और अन्य कलाकारों ने इस बार खुद परिसर की सफाई की है। परिसर में जगह-जगह डस्टबिन लगाए जा रहे हैं। डेंगू के प्रकोप को देखते हुए फॉगिंग का भी इंतजाम किया गया है।