दिवाली में सूना पड़ा बिसाहड़ा गांव
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बिसाहड़ा गांव के लोग पिछली वर्ष की तरह इस बार भी दीपावली नहीं मनाएंगे। एक साल पहले गांव में हुए इकलाख हत्याकांड के आरोप में गांव के 14 युवा अब भी लुक्सर जेल में है।
3 अक्तूबर को एक आरोपी रवि की मौत के सदमे से लोग अभी बाहर नहीं निकले हैं, ऐसे में उन्होंने त्योहार होने के बावजूद घरों के बाहर न कोई सजावट की है और न ही आतिशबाजी या अन्य तैयारियां। गांव की गलियों में मायूसी का माहौल है।
शनिवार को दीपावली के एक दिन पहले भी ग्रामीणों में त्योहार के प्रति कोई उत्साह देखने को नहीं मिला। हालांकि शिव मंदिर की चोटियों पर रात्रि में उजाले के लिए कुछ लाइटें लगाई गई हैं। ग्रामीणों ने दीपावली नहीं मनाने का निर्णय लिया है।
उनका कहना है कि जब उनके बेटे ही एक साल से जेल में बंद हैं तो फिर वे कैसे त्योहार मनाएं। रवि के घर के नजदीक रहने वाले सुमित राणा ने बताया कि एक माह पहले रवि की मौत हुई है। गांव का माहौल गमगीन है। ऐसे में लोगों ने दीपावली को लेकर कोई तैयारी नहीं है। बस शाम को लक्ष्मी पूजन ही किया जाएगा।
वहीं पूर्व ग्राम प्रधान संजय राणा का कहना है कि गांव के 14 युवक जेल में बंद है। एक माह पहले रवि की मौत हुई है। ऐसे में त्योहार को लेकर लोगों में कोई उत्साह नहीं है। हरिओम राणा का कहना है कि दीपावली पर घर में बिजली की सजावट नहीं की है। न ही कोई आतिशबाजी की जाएगी।
जब तक हमारे सभी बच्चे जेल से छूटकर घर नहीं आ जाते है। गांव में कोई भी त्योहार नहीं मनाया जाएगा। इसके अलावा प्रधान पति हरिओम सिंह ने बताया कि पीड़ित 15 परिवार दीपावली नहीं मना रहे हैं, जिनके दुख में वे भी शामिल हैं।