छोटा खरीदार इस बार कम है। पैटर्न थोड़ा इस मामले में है कि सोने की खरीदारी थोड़ी बढ़ी है। सोना-चांदी के सिक्के की खरीदारी जो इस दौरान अधिक होती थी इस बार इसकी मांग काफी कम है। ऑनलाइन का असर नहीं है। कोरोना संक्रमण की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ी है। गिफ्ट आइटम में भी कम खरीदारी है।
-विमल गोयल, अध्यक्ष - दिल्ली बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन
कूंचा महाजनी में चांदी-सोने की खरीद इस साल फीकी है। पिछले साल के मुताबिक इस साल खरीदारी नहीं है। आम दिनों वाली खरीदारी भी धनतेरस के पूर्व संध्या पर नहीं हुई। चांदी थोड़ी अपनी चमक बिखेर भी रही है तो ज्वैलरी की मांग काफी कम है। चांदी का सिक्कों की खरीदारी भी वही कर रहे जिनकी स्थिति कोरोना की वजह से खराब नहीं हुई है। 50 प्रतिशत ही खरीदारी रह गई है। पिछले साल सोने की कीमत इस दिन 32 हजार रुपये थी, लेकिन अब 20 हजार रुपयों का उछाल आया है।
-प्रेम प्रकाश शर्मा, महासचिव - दिल्ली बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन
बाजार की स्थिति बेहतर हुई है। बिक्री कुल मिलाकर ठीक है। लाइट गोल्ड आइटम की खरीदारी बढ़ी है। 50-75 प्रतिशत व्यापार में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। भाव थोड़ा सा टूटा है। पिछलेसप्ताह के मुताबिक इस सप्ताह सोने का भाव डेढ़ हजार रुपये प्रति तोला कम हुआ है।
-योगेश सिंघल, दी बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन कूंचा महाजनी
राम दरबार, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, श्री यंत्र समेत चांदी के छोटे गिफ्ट आइटम की खरीदारी जोरों पर है। सोने के सिक्के-चांदी के सिक्के समेत अन्य सभी चीज बिक रही है। गोल्ड बुलियन दिल्ली से बाहर भी जा रहा है। एक किलो चांदी वाले श्रीयंत्र की मांग भी बढ़ी है। राम दरबार की मांग इस साल ज्यादा बढ़ी है। राम दरबार 40 हजार से दो लाख रुपये तक का है। हालांकि, इस बार 40 प्रतिशत ही व्यापार हो पा रहा है।
-तरुण गुप्ता, दरिबा कला एसोसिएशन
क्या कहते हैं खरीदार
यह वक्त खरीदारी के साथ ही सेहत पर ध्यान देने का है। धनतेरस पर स्टील, ज्वैलरी खरीदने का प्रचलन है। लिहाजा, परंपरा को निभाने के लिए खरीदारी जरूरी है। सोने का भाव बहुत ही ज्यादा है। कोरोना से बचाव को ध्यान में रखते हुए बाजार पहुंचकर पता चल रहा है कि सामाजिक दूरी की लोगों को फिक्र ही नहीं है।
अनामिका
परंपरा को निभाना जरूरी है, लेकिन कोरोना से भी बचना उतना ही जरूरी है। मुख्य बाजार में भीड़ बहुत ही अधिक होने की वजह से आसपास के ज्वैलरी शॉप से ही खरीदारी करना उचित है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव बढ़ने से ज्वैलरी फिलहाल महंगी है।
- पूजा सिंह