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इस बार रिकॉर्ड समय रहा मानसून, देरी से हो रही है विदाई

Thu, 10 Oct 2019 04:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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Delhi weather - फोटो : पीटीआई
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दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश को चार महीने तक भिगोने के बाद बुधवार से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। पहले दिन राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों से मानसून पीछे हटा है, जबकि अगले दो दिन में इसकी दिल्ली-एनसीआर से भी रवानगी हो जाएगी। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, इतिहास में पहली बार इतनी देरी से मानसून की विदाई हो रही है।

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मौसम विभाग का कहना है कि आम तौर पर दक्षिण पश्चिम मानसून एक सितंबर से लौटने लगता है। सितंबर के दूसरे हफ्ते तक मानसून भारत में नहीं टिकता। इससे पहले मानसून के लौटने में सबसे ज्यादा देरी 1961 में हुई थी। उस साल यह एक महीने बाद 1 अक्तूबर को लौटा था। वहीं, 2007 में इसकी वापसी 30 सितंबर को हुई थी। इस साल यह एक महीने 10 दिन की देरी से चल रहा है। 

इस साल जून के आखिरी हफ्ते में मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव बताते हैं कि बुधवार से उत्तर पश्चिम भारत में प्रति चक्रवात की स्थिति बन गई है। वहीं, मौसम की नमी भी लगातार कम हो रही है। मानसून पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान से आज विदा हो गया है। दिल्ली से इसकी वापसी अगले दिन में हो जाएगी।
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दिल्ली में 2016 भी बना था रिकॉर्ड
इससे पहले, दिल्ली में सबसे ज्यादा देरी तक मानसून 2016 में रुका था। उस साल यह एक महीने सात दिन की देरी से रवाना हुआ था। मौसम विभाग का कहना है कि अकेले दिल्ली की बात की जाए तो यहां से मानसून की रवानगी 7 अक्तूबर 2016 को सबसे देरी से हुई थी। इस साल इसके 11-12 अक्तूबर तक रवाना होने का अनुमान है।

अक्तूबर के 9 दिन में 160 फीसदी ज्यादा वर्षा
मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में अक्तूबर के नौ दिन में 47.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। यह इस सीजन में होने वाली बारिश का 160 फीसदी ज्यादा है। मानसून विदा होने के साथ अब आने वाले दिनों में बारिश होने की उम्मीद नहीं है।

सितंबर में 41 फीसदी कम हुई थी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस साल जून से सितंबर के बीच बारिश सामान्य से 38 फीसदी कम हुई है। सितंबर में यह गिरावट 41 फीसदी दर्ज की गई है। दिल्ली में पूरे मानसून के दौरान 648.9 मिमी बारिश होती है, लेकिन 30 सितंबर तक सिर्फ 404.1 मिमी बारिश हुई है। यह औसत मानसूनी बारिश से 38 फीसदी कम रही। दूसरी तरफ सितंबर महीने में सिर्फ 74.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस महीने का औसत 125.1 मिमी रहता है। यह औसत का 41 फीसदी कम है। दूसरी तरफ अगस्त में 52 फीसदी कम बारिश हुई थी।

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