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बड़ा फर्जीवाड़ा: लड़की को पता नहीं जाली दस्तावेज पर हो गई शादी 

Thu, 10 Oct 2019 04:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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शादी के नाम पर जिले में चल रहे फर्जीवाड़े का एक नया खेल सामने आया है। ताजा मामला दिल्ली की एक छात्रा से जुड़ा है, जिसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि सोशल मीडिया पर उसके द्वारा अपलोड की जा रही फोटो भविष्य में उसके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। 

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11वीं कक्षा में उसके क्लासमेंट रहे दोस्त ने सोशल मीडिया से उसकी फोटो चोरी कर फर्जी दस्तावेज के सहारे आर्य समाज मंदिर में उसके साथ शादी दिखा दी। इसके बाद स्टांप एवं निबंधन की वेबसाइट पर जाकर शादी को रजिस्टर (पंजीकृत) भी करा लिया। 

मामला उस वक्त खुला जब उसने लड़की को ब्लैकमेल करने की कोशिश की। जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर गाजियाबाद में मजिस्ट्रेट जांच कराई गई। मजिस्ट्रेट ने आरोपी युवक और गवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की है।
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  मामला दिल्ली की एमकॉम की छात्रा का है। जिसके पते पर कुछ महीने पहले गाजियाबाद में पंजीकृत शादी का सर्टिफिकेट आया। उसके बाद पीड़ित परिवार हैरत में पड़ गया। लड़की ने परिजनों से किसी भी तरह की शादी होने से इनकार किया। इसके बाद परिजनों ने दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई और शादी पंजीकरण के मामले में डीएम गाजियाबाद को लिखित शिकायत की। 

मामले में डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट यशवर्धन श्रीवास्तव को जांच सौंपी, जिन्होंने आर्य समाज मंदिर विजय नगर के पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया। जवाब में मंदिर के पदाधिकारियों ने उस प्रमाण पत्र को फर्जी बताया जिसे शादी का साक्ष्य दिखाकर पंजीकरण में इस्तेमाल किया गया था। उसके बाद बयान दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट ने उस युवक और शादी में गवाह दिखाए गए उसके अन्य साथियों के नोटिस भेजा। 

दो बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। उधर, पीड़ित परिवार ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर उन पतों की तलाश की तो वो भी फर्जी निकले। पीड़ित छात्रा ने हस्ताक्षर को फर्जी बताते हुए अपने सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र व बैंक के दस्तावेज भी मजिस्ट्रेट का सामने पेश किए। 

छात्रा ने आरोप लगाया कि उसके खिलाफ साजिश रची जा रही है। शादी 6 फरवरी 2018 को पंजीकृत दिखाई गई है। पीड़िता ने कहा कि जिस फोटो का इस्तेमाल शादी पंजीकरण में किया गया है वो फोटो उसने स्वयं जनवरी 2018 में ही सोशल मीडिया पर अपलोड की थी। 

11वीं क्लास में साथ पढ़ता था आरोपी 
 जांच के दौरान युवती ने कुछ साक्ष्य भी दिए हैं जिनसे पता चलता है कि युवक 11वीं क्लास में उसके साथ पढ़ता था। उसके बाद 12वीं क्लास में उसने किसी दूसरे स्कूल में दाखिला ले लिया। दिल्ली पुलिस ने स्कूल में दर्ज रिकार्ड के आधार पर पता किया तो मौजूदा वक्त में उस पते पर युवक का कोई परिजन नहीं रहता है। 

- जांच से पता चलता है कि शादी फर्जी तरीके से की गई। युवक ने सारे दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए। युवक के खिलाफ पहले से दिल्ली में रिपोर्ट दर्ज है। फर्जी साक्ष्य लगाकर शादी पंजीकरण कराने के मामले में गाजियाबाद में भी रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति जिलाधिकारी से की गई है। - यशवर्धन श्रीवास्तव - सिटी मजिस्ट्रेट 

फर्जी शादियों पर अमेरिकी एंबेसी ने मांगी थी रिपोर्ट 
गाजियाबाद में फर्जी तरीके से शादी पंजीकृत कराने का मामला बीते वर्ष के अंत तक धड़ल्ले से चला है। यहां पर शादी पंजीकृत करा विदेश जाने के मामले भी तेजी से बढ़ रहे थे, जिस पर बीते वर्ष अमेरिकी एंबेसी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट मांगी थी। उसके बाद जांच में जिले में संचालित करीब आठ आर्य समाज मंदिर फर्जी पाए गए थे जिनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। उसके बाद व्यवस्था की गई थी कि अब जिले के बाहर की शादियों का पंजीकरण बिना मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के नहीं होगी। अगर शादी पंजीकृत कराई जाती है तो लड़की या लड़के में से कोई एक गाजियाबाद का निवासी होना चाहिए।

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