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इस बार 1400 करोड़ का होगा फरीदाबाद नगर निगम का बजट

Thu, 02 Mar 2017 07:47 AM IST
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद
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faridabad - फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद की सरकार को चलाने के लिए इस बार नगर निगम ने करीब 1400 करोड़ रुपये का बजट रखा है। पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस बार बजट में करीब 20 फीसदी बढ़ोतरी की गई है।
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किसी भी तरह का नया कर न लगाकर नगर निगम शहरवासियों को बड़ी राहत दे सकता है, लेकिन बकाएदारों से वसूली के लिए कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। दस मार्च को नव निर्वाचित पार्षदों की बैठक में बजट प्रस्ताव रखा जाएगा। पार्षदों से राय करने के बाद जरूरत पड़ने पर इसमें संशोधन किया जा सकता है। इसके बाद इसे सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

नए वित्त वर्ष में विकास कार्यों या निगम को चलाने के लिए जरूरी है कि बजट को राज्य सरकार की मंजूरी मिले। इसलिए 31 मार्च से पहले   इसे राज्य सरकार को भेजकर अप्रैल में कम से कम 25 फीसदी बजट की मंजूरी की निगम उम्मीद करता है।
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सदन भंग होने की वजह से राज्य सरकार ने नौ महीने बाद नगर निगम के वर्ष 2016-17 के बजट को स्वीकृति प्रदान की थी। इस बजट में कुल 1151.76 करोड़ की अनुमानित आय के अनुपात में 1065.48 करोड़ रुपये का खर्च होने का प्रावधान किया गया था।

निगम के नए सदन का गठन होने के बाद शहर के विकास को रफ्तार देने के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए तकरीबन 1400 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है। हालांकि, मेयर और निगमायुक्त की मंजूरी के बाद ही इसके फाइनल ड्राफ्ट को जारी किया जाएगा।

विकास पर भारी पड़ रही लेटलतीफी
लंबी चली खींचतान का असर शहर के विकास कार्यों पर भी पड़ा। 21 महीने तक सदन भंग रहा। आठ जनवरी को निगम चुनाव हुए लेकिन इसके बाद सदन के गठन को लेकर भाजपा में खींचतान चली। अब सदन का गठन हो गया है तो बजट में देरी की जा रही है। राज्य के बजट से पहले निगम के बजट को सरकार के पास भेज दिया जाना चाहिए था, लेकिन अब तक इसका फाइनल ड्राफ्ट ही नहीं तैयार हुआ और हरियाणा का बजट छह मार्च को आ रहा है। जानकारों के मुताबिक इसके चलते विकास योजनाओं को शुरू करने में और देरी हो सकती है।

क्या है नियम
नगर निगम एक्ट की धारा 83 की उपधारा (1) के अनुसार निगम का बजट फरवरी महीने के पहले सप्ताह में सदन में पास हो जाना चाहिए और फरवरी के अंतिम सप्ताह में सरकार के पास भेज दिया जाना चाहिए, ताकि 31 मार्च से पहले सरकार से इसे स्वीकृति मिल जाए।

आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया
नगर निगम का हर माह का खर्च करीब 30 करोड़ रुपये होता है, लेकिन इसके मुकाबले आमदनी तकरीबन 11 करोड़ रुपये है। हर महीने कर्मचारियों के वेतन पर ही 25 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा वीआईपी आगमन, सीएम एनाउंसमेंट के कार्यों के अलावा अन्य खर्च भी होता है। ऐसे में इसका असर शहर के विकास कार्यों पर भी पड़ता है। 

निगम के बजट का फाइनल ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। दस मार्च को सदन की बैठक बुलाई गई है। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही बजट को मंजूरी दी जाएगी। हमारी कोशिश होगी कि शहर के विकास में कोई कसर न रहे।-सुमनबाला, मेयर 
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