दरअसल, दिल्ली सरकार के 3 साल पूरे होने पर हर साल की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री का संदेश टीवी चैनल पर चलना था। इसमें मुख्यमंत्री कहते हैं कि बीते तीन सालों में दिल्ली में भ्रष्टाचार में भारी कमी आई है।
ईमानदारी से काम कर रही सरकार का एक-एक पैसा जनता के विकास पर खर्च हो रहा है। बाधाएं भी बहुत आई इसमें, लेकिन ईश्वर ने हर कदम पर साथ दिया। इसके बाद वह कथित तौर पर विवादित लाइनें बोलते हैं।
सूत्रों की मानें तो सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर इस मसले पर बैठक भी हुई। इसमें मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कोई भी अधिकारी इस लाइन को क्लियर करने को तैयार नही हुआ।
अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों से बंधे होने की दलील दी। इतना सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत ने फैक्ट व फीगर चेक करने के निर्देश बनाए थे, काम अटकाने के लिए नहीं।
वहीं, मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से दो-टूक शब्दों में कहा कि सुप्रीम कोर्ट अधिकारियों से दिमाग के इस्तेमाल की अपेक्षा करता है। मुख्यमंत्री ने इस मसले पर गहरी आपत्ति जाहिर की।