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इस तरीके से पकड़े गए पूर्व कानून मंत्री तोमर

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दिल्ली पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए जिस तरह का प्रोफेशनल तरीका अपनाती है, पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर को पकड़ने के लिए वही तरीका अपनाया गया। इसकी वजह ये थी कि पूर्व तोमर ने कहीं भी अपना सही पता नहीं दे रखा है।
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उन्होंने कागजात में दूसरा पता दे रखा है जबकि वह रहते थे दूसरी जगह। उन्होंने हर जगह अपने पैतृक निवास का पता दे रखा है। पुलिस ने तोमर को पकड़ने के लिए कई जगह ट्रैप लगाया था।

दक्षिण जिले के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जितेंद्र तोमर के माता-पिता राजधानी एन्क्लेव में रहते हैं। कानून मंत्री यहां कम आते-जाते हैं। तोमर के मोबाइल नंबर, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर आदि पर उसके घर का वह पता नहीं था कि जहां पुलिस को वह मिल जाएं।
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कई जगह ट्रैप लगाया तो पकड़े गए तोमर

तोमर बीयू ब्लॉक पीतमपुरा में रहते हैं। पुलिस ने मंगलवार सुबह जब पीतमपुरा में दबिश दी तो वह वहां भी नहीं मिले थे। ऐसे में पुलिस ने पूर्व कानून मंत्री को पकड़ने के लिए कई जगह ट्रैप लगाया था। पुलिस ने बीयू ब्लॉक, राजधानी एन्क्लेव और शकूरपुर स्थित कार्यालय पर ट्रैप लगाया था।

पुलिस टीम सुबह सात बजे ही इन जगहों पर पहुंच गई थी। 7:00 से लेकर 9:45 बजे तक इंतजार किया। आखिरकार वह सुबह करीब 10:00 बजे अपने कार्यालय पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें वहां पकड़ लिया।

पुलिसकर्मी उनके कार्यालय के अंदर गए। यहां पर तोमर से जब हौजखास थाने में चलने के लिए कहा गया तो उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी में जाने की इच्छा जताई। पुलिस ने कानून मंत्री की बात मान ली। मगर सरकारी गाड़ी कानून मंत्री के ड्राइवर ने न चलाकर महरौली थानाध्यक्ष रमन लांबा ने चलाई थी।
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