सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करने के सरकारी निर्देश के बाद जिले में इसका काम तेजी से चल रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में करीब 22 स्थानों पर मशीनें लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं। यदि प्रदेश के ही आंकड़े को देखें तो औद्योगिक नगरी फरीदाबाद अव्वल स्थान पर है। यानि कार्ड बनाने में शत-प्रतिशत से ज्यादा आंकड़ा पर कर चुका है। ये हम नहीं बल्कि सरकारी आंकड़े बता रहे हैं। पड़ोसी जिला पलवल, गुड़गांव और मेवात अभी तक 90 प्रतिशत तक का भी आंकड़ा पार नहीं कर पाया है।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों राज्य के मुख्य सचिव ने सभी विभागों के मुखिया और जिला उपायुक्त को पत्र भेजा था जिसमें विभागों के आवेदन पत्रों में आधार कार्ड नंबर लिखने का निर्देश दिया है। अब नगर निगम के पानी कनेक्शन, पेंशन, हाउस टैक्स फार्म, बिजली कनेक्शन, स्वास्थ्य विभाग के एडमिट फार्म, स्कूलों के प्रवेश फार्म, पुलिस सत्यापन फार्म, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के राशन कार्ड के फार्म, पहल का लाभ आधार कार्ड से ही मिलेगा।
यहां तक कि वोटर आईकार्ड को भी आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है। और तो और सरकारी कर्मचारियों की बॉयोमीट्रिक मशीन से अटेंडेंस की प्रक्रिया में भी आधार कार्ड अनिवार्य है। कार्ड की अनिवार्यता को देखते 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल आबादी 17,98,954 से ज्यादा, 27 अप्रैल तक 18,59,009 के लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। जबकि मुख्यमंत्री के गृहजनपद करनाल में भी 90 प्रतिशत तक ही लोगो के कार्ड बन पाए हैं।