रविवार सुबह गुरुग्राम के गांव गाडोली कलां में निर्माणाधीन इमारत में छिपी मॉनिटर लिजरड को रेस्कयू किया गया। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई, लेकिन वन विभाग की टीम पहुंचने से पहले वन्य जीव संरक्षण करने वाले एक अन्य व्यक्ति को इसकी सूचना मिल गई जिसने इसे सुरक्षित निकाल लिया। इसे अरावली के जंगलों में छोड़ दिया गया।
वन्य जीव संरक्षण करने वाले समाज सेवी अनिल गंडास ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली थी कि गांव गाडोली कलां में एक मॉनिटर लिजरड निर्माणाधीन इमारत में है।
इसे मजदूर मारने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर वह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इसे तुरंत ही बचाया और मानेसर के पास अरावली के जंगलों में छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि मॉनिटर लिजरड करीब 1 मीटर लंबा है तथा 5 किलो वजनी है। इसकी लार जहरीली होती है। इसके काटने से इंफेक्शन हो जाता है। कोई भी घाव जल्द ठीक नहीं होता है।