डीएमआरसी के मुताबिक चोरों ने ओखला बर्ड सेंचुरी और कालिंदी कुंज स्टेशनों के बीच तड़के केबल चोरी का प्रयास किया। इससे सिग्नल खराब होने की वजह से सेवाएं प्रभावित हुई। परिचालन के दौरान प्रभावित हिस्से पर मरम्मत कार्य किया जाता तो सभी सेवाएं प्रभावित होती। यात्रियों को और अधिक परेशानी ना हो इसलिए मेट्रो को पूरी अवधि के दौरान 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की अनुमति दी गई है। औसत रफ्तार 50 कि.मी प्रतिघंटा है लेकिन सिग्नल में आई खराबी के कारण मेट्रो का परिचालन मैन्युअल किया गया।
डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशन) अनुज दयाल के मुताबिक रात के वक्त सेवाएं समाप्त होने के बाद ही क्षतिग्रस्त केबल को बदला जाएगा। केबल के बदलने में अधिक समय की जरूरत होती है, इसलिए ट्रेन की आवाजाही को प्रभावित किए बगैर रात के वक्त मरम्मत का काम किया जाएगा। यात्रियों को इस दौरान मैजेंटा लाइन के स्टेशनों और ट्रेनों के अंदर भी घोषणाओं के अलावा सोशल मीडिया के जरिए भी यात्रियों को ताजा हालात की सूचना दी जा रही है।
पहले भी केबल चोरी की हो चुकी हैं कई घटनाएं
मेट्रो केबल की कीमत अधिक होने की वजह से पहले भी अलग अलग लाइनों पर मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुई हैं। नए साल में यह पहली ऐसी घटना है। पिछले साल भी अलग अलग लाइनों पर केबल चोरी की घटनाओं के कारण मेट्रो सेवाएं प्रवावित हुई हैं। ब्लू लाइन पर केबल चोरी की सर्वाधिक घटनाएं हुई हैं। केबल की अधिक कीमत होने की वजह से चोरी की घटनाएं पहले भी होने पर मामले भी दर्ज करवाएं गए हैं।