theft at gujrat governor home
- फोटो : लाल सिंह
स्कूटी के नंबर और कुछ संदिग्धों को जब आरोपियों की फुटेज दिखाई तो उनका पता सेक्टर-62 के पास खोड़ा में पाया गया। पुलिस की दो टीमें आरोपियों के घर की रेकी कर रही थीं।
काफी हद तक दो आरोपी पुलिस की जद में थे, लेकिन उनको रंगे हाथ गिरफ्तार करने की योजना थी। शुक्रवार रात गिरोह के सदस्यों को सेक्टर-51 में वारदात करनी थी।
इसके लिए खोड़ा कॉलोनी निवासी मोहम्मद शरीफ व उसका बेटा अर्सलाम, शरीफ की बहन फरजाना और सेक्टर-58 बिशनपुरा निवासी दोस्त फहीम नोएडा में घुस गए।
पुलिस टीम ने पीछा किया तो सेक्टर-51 के पास पहुंच गए। वहां पर पुलिस ने आरोपियों को दबोचा तो उन्होंने गोली चला दी। आरोपियों से की गई पूछताछ के बाद जेवरात खरीदने वाले खोड़ा निवासी सुनार गौतम सहगल को भी गिरफ्तार कर लिया।
theft at gujrat governor home
- फोटो : लाल सिंह
राज्यपाल की बेटी के घर में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी शरीफ ने पुलिस को बताया कि वह साली रोशन जहां के साथ स्कूटी पर सवार होकर नोएडा के सेक्टरों में आता था।
सेक्टर में सुरक्षा गार्डों से खाली मकानों की सूची मांगते थे और कुछ रुपये थमा देते थे जिसके बाद उनको सेक्टरों में घुसने देते थे। इसके अलावा मकान तलाशने के लिए सेक्टर की प्रत्येक गली में घूमते थे।
जिस घर में ताला दिखाई देता था उसेे लक्ष्य बनाते थे। बेटे और बहन व दोस्त को परिवार बनाकर उसी मकान को देखने के लिए भेजते थे और रास्ते आदि का नक्शा बनाकर पूरी तैयारी करने के बाद ही चोरी करते थे।
पांच चोरी की घटनाओं का हुआ खुलासा
चोर गिरोह ने शहर के सेवानिवृत्त मेजर जनरल बीके भाटिया के घर चोरी की थी। इसमें पाकिस्तान निर्मित रिवाल्वर व गहने भी चोरी किए गए थे।
इसके अलावा सेक्टर-18, सेक्टर-41 में उदयपाल शर्मा के घर, सेक्टर-39 में विजय अरोड़ा के घर, सेक्टर-50 में ही अंकित अवस्थी के घर और बाद में राज्यपाल की बेटी के घर से चोरी की गई थी। कुल पांच घटनाएं पिछले 6 माह में इन्होंने की थी।
theft at gujrat governor home
- फोटो : लाल सिंह
चोरी की घटना को अंजाम देने में सफल होने के बाद पूरा परिवार पीर की दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए जाता था। उसके बाद वह किसी रेस्टोरेंट में बाहर खाना खाने व फिल्म आदि देखने के लिए जाते थे।
बड़ी बात यह है कि अधिकतर घटनाओं में मोबाइल का प्रयोग कम ही करते थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुख्य आरोपी शरीफ रेकी करने के लिए भी अपने लकी रंग (नीला) के कपड़े पहनता था और साली को भी उसी रंग के कपड़े पहनाता था।
शरीफ ने अपने परिवार के लोगों के साथ ही चोरी करने के लिए गिरोह बनाया था। इससे उनके बीच हुई बात किसी के पास बाहर नहीं जाएगी और पूरा माल भी घर में ही रहेगा।
इस धंधे में शरीफ ने अपने बेटे, बहन, साली और दोस्त को लगाया था। किराये का मकान तलाशने के बहाने से वह साली को पत्नी बनाकर ले जाता था।