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बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में छात्रों को पड़ी मार

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एफडीडीआई के एक छात्र और छात्रा ने सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग की जान बचाने का हरसंभव प्रयास किया, मगर उनकी जान नहीं बच सकी। प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों ने बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया।
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इसके बाद दोनों उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाने लगे। बीच रास्ते में ही ऑटो चालक ने मृतक को सरकारी अस्पताल ले जाने से मनाकर दिया और शव को सड़क पर रखकर चला गया।

इस बीच लोगों ने दोनों को घेर लिया और बगैर मामला समझे छात्र की पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने दोनों की सराहना की।
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पैदल सड़क पार कर रहे थे कि तभी स्कूटी सवार ने मारी टक्कर

मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे सेक्टर-22 निवासी होमियोपैथिक डॉक्टर गोपाल बोरिया (67) सेक्टर-22 स्थित पेट्रोल पंप के पास से पैदल सड़क पार कर रहे थे, तभी स्कूटी सवार एक शख्स ने उन्हें टक्कर मार दी।

बोरिया घायल होकर सड़क पर गिर गए। तभी विभूति पठानिया अपने साथी तारिक अहमद के साथ ऑटो से कॉलेज जा रही थी। उसने देखा कि एक बुजुर्ग सड़क के किनारे घायल पड़े हैं और भीड़ लगी हुई है।

इस पर दोनों गोपाल को ऑटो से निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बोरिया को ऑटो से सरकारी अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन चालक ने शव को ऑटो से निकालने को कहा।

लोगों ने बिना सोचे-समझे कर दी पिटाई

तारिक के जोर देने पर ऑटो चालक शव को सेक्टर-35 के पास सड़क के किनारे रखकर चला गया। इसी बीच कुछ लोग आए और बिना कुछ सोचे-समझे तारिक की पिटाई कर दी।

सूचना पाकर पुलिस पहुंची और पूरा घटनाक्रम सुना। पुलिस ने दोनों को उन्हें घर तक पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों ने विभूति और तारिक की सराहना की।

पुलिस ने आरोपी स्कूटी चालक दीपक को गिरफ्तार कर लिया है।
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किसी को जरूरत है तो उसकी मदद करनी चाहिए

एसपी सिटी दिनेश यादव के मुताबिक दोनों छात्रों ने समाज में उदाहरण दिया कि अगर सड़क पर किसी को जरूरत है तो उसकी मदद करनी चाहिए। कभी भी मदद करने से पहले भयभीत नहीं होना चाहिए। पुलिस टीम उनकी सराहना करती है।

वहीं विभूति ने कहा कि घायल अंकल को देखकर हमने ऑटो रोका और उन्हें अस्पताल ले गए। हम नहीं जानते थे कि उनकी मौत हो चुकी है। वह काफी देर से सड़क पर पड़े थे और लोग तमाशा देख रहे थे।

तारिक कहता है कि मदद करना भारी पड़ गया। पुलिस सही वक्त पर पहुंच गई और हमें बचा लिया। हम यह सोचकर बुजुर्ग को अस्पताल ले गए थे कि उनकी जान बच जाए। मगर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ऑटो चालक सड़क पर शव रखकर भाग गया।
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