फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘वे हमें धमकाते हैं..प्लीज हमारी मदद करो’

Thu, 01 May 2014 06:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल दहलाने वाली वारदात के बाद रातोंरात सुर्खियों में आए कनावनी गांव के माहौल में दहशत घुली हुई है। घर टूटे हैं, स्कूल तबाह है और चेहरे बुझे हुए हैं।
विज्ञापन


इस गांव की खबर लेने बुधवार को जब अमर उजाला की टीम यहां पहुंची तो मदद की एक गुहार सुनाई दी। ये आवाज एक दलित युवती की थी। आंखों में परेशानी के निशान थे और जुबां पर डर का साया। वह कह रही थी कि दबंग रोज गाली देते हैं, धमकाते हैं.. प्लीज हमारी मदद करिए।

20 साल की रश्मि (बदला हुआ नाम) ने बताया कि फायरिंग की घटना में आरोपी लोगों से उसका कोई नाता नहीं है, लेकिन उसे केवल दलित होने की सजा दी जा रही है। दबंग उसे और उसके परिवार को परेशान कर रहे हैं। रश्मि के पिता की दुकान भी ढहा दी गई है। रश्मि बीए में पढ़ती है। चंद दिनों में उसकी परीक्षा भी है, लेकिन उसे लगता है कि वह पेपर नहीं दे पाएगी।
विज्ञापन

धमकियों के साथ गालियां भी देते हैं वो लोग

घरबार तो उजड़ ही गया है.. अब भविष्य भी खतरे में दिखाई पड़ रहा है। रश्मि को देखकर डरे-छिपे हुए कुछ और चेहरे सामने आ गए। 12वीं में पढ़ने वाली मनीषा ने कहा कि घर से बाहर निकलो तो गालियां सुनाई पड़ती हैं.. धमकियां मिलती हैं।

दबंग गांव छोड़कर जाने के लिए कहते हैं। उसने बताया कि पुलिस भी उन्हीं का साथ दे रही है। यहां हर शख्स को मदद की दरकार थी... हर कोई अपनी बात कहना चाह रहा था, क्योंकि जिन्हें सुनना चाहिए.. वो सुन नहीं रहे।

घबराहट से भरे ये चेहरे बयां कर रहे थे कि इस गांव में उनके लिए नफरत है, दहशत है.. लेकिन वो आशियाना नहीं है, जिसमें वो महफूज रह सकें।
विज्ञापन

एससी-एसटी आयोग की सदस्य ने किया दौरा

कनावनी में हुई घटना को लेकर बुधवार को प्रदेश एससी-एसटी आयोग की सदस्य किरन जाटव ने गांव का दौरा किया। वह दोनों पक्षों से मिलीं और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात की।

उनके साथ आए दलित नेता प्रेमचंद्र गौतम ने बताया कि जिसने भी गलत किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी निर्दोष का शोषण नहीं होना चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें