शहर के डाबड़ी एरिया में लंबे समय तक मां बेटी को बंधक बनाकर रखने वाले ससुर दोनों को झाड़ फूक के लिए कई बार मेहंदीपुर बालाजी भी ले गए थे। बाद में दोनों को कैद कर घर में ही डाल दिया था।
पति की आकस्मिक मौत के बाद कलावती के दिमाग पर गहरा प्रभाव पड़ा और वह डिप्रेशन में चली गयी। कलावती अकसर पति की तस्वीर को देखकर उनसे बातें करने लगी। कभी वह रोने लगती थी तो कभी हंसने लगती थी।
इसे देखकर उसके ससुर महावीर मिश्रा ने उनका मानसिक इलाज करने के बजाए तंत्र मंत्र का सहारा लिया। मां की हालत को देखकर बेटी दीपा पर भी गहरा प्रभाव पड़ा और वह भी मानसिक रूप से बीमार हो गयी।