हावड़ा दुरंतो दोपहर 12:55 बजे की जगह शाम 4:20 बजे रवाना की गई। महाबोधी दोपहर 12:05 बजे की जगह दोपहर 2:5 बजे रवाना हुई।
बरेली-भुंज आला हजरत एक्सप्रेस, अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-लालगढ़ अवध आसाम एक्सप्रेस, जम्मू तवी-भागलपुर अमरनाथ एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त कर दी गई।
बुधवार को भी अमृतसर-सहरसा जनसेवा एक्सप्रेस, भुंज-बरेली आला हजरत एक्सप्रेस निरस्त रहेगी तो बृहस्पतिवार को शहीद एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त रहेगी। सुपरफास्ट राजधानी व शताब्दी ट्रेनों की चाल भी इन दिनों ठिठकी हुई है।
पिछले साल एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता 76 प्रतिशत थी। इस साल यह घटकर 70-72 प्रतिशत पहुंच गई है। वहीं पैसेंजर ट्रेनों की समयबद्धता पिछले साल 76.53 प्रतिशत थी।
इस साल यह घटकर 72.66 प्रतिशत हो गई है। समय से ट्रेन संचालन में सबसे बुरा हाल नार्थ सेंट्रल रेलवे का है। इस जोन से संचालित होने वाली ट्रेनों की समयबद्धता 40-45 प्रतिशत ही रही।
ट्रैफिक ब्लॉक से ट्रेनें हो रहीं लेट
आंकड़ों की मानें तो फरवरी महीने में 8542 मेल व एक्सप्रेस ट्रेन अपने गंतव्य तक देरी से पहुंची। इसी तरह 6487 सुपरफास्ट ट्रेनें अपने समय पर नहीं चलीं।
रेलवे का कहना है कि ट्रेनों की लेटलतीफी का मुख्य कारण ट्रैफिक ब्लॉक है। निर्माण कार्य के लिए पिछले साल जहां 14 लाख घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक किया गया था तो इस साल 18 लाख 90 हजार घंटा ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है।