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दिल्ली के अस्पतालों में इलाज के लिए दिखाने होंगे यह दस्तावेज, सरकार ने जारी की सूची

Mon, 08 Jun 2020 09:25 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों में फिलहाल केवल दिल्ली के ही मरीजों का इलाज होगा। इसके बाद शाम में दिल्ली सरकार ने उन दस्तावेजों की सूची जारी की जिनके आधार पर मरीज को अस्पतालों में भर्ती किया जाएगा।

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दिल्ली सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार मतदाता पहचान पत्र, बैंक या पोस्ट ऑफिस पासबुक, राशन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या इनकम टैक्स रिटर्न को आधार मानकर मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया जा सकता है। इनके अलावा मरीज या उनके निकट परिजन, जैसे- माता-पिता या पति/पत्नी के नाम के पानी, टेलीफोन या बिजली के बिल को भी ऐड्रेस प्रूफ मानकर अस्पताल मरीज को भर्ती कर सकते हैं।

इन दस्तावेजों को भी माना जाएगा ऐड्रेस प्रूफ
मरीज द्वारा दिए गए पते पर डाक विभाग द्वारा भेजे गए पोस्ट को मरीज रिसीव किए जाने का प्रमाण या सात जून से पहले जारी किए गए आधार कार्ड को भी अस्पताल स्वीकार करेंगे। अगर मरीज नाबालिग है तो उसके अभिभावकों के नाम से जारी उक्त किसी भी दस्तावेज को आधार मानकर मरीज को अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है।
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मालूम हो कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को दिल्ली के लोगों के लिए संरक्षित कर दिया है। अब दिल्ली के अस्पतालों में केवल दिल्लीवासियों का ही इलाज हो पाएगा। हालांकि विशेष सर्जरी करने वाले अस्पताल और दिल्ली में स्थित केंद्र सरकार के अस्पतालों में पहले की तरह ही सभी मरीजों का इलाज होगा। 

केजरीवाल सरकार ने पांच डॉक्टरों की समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट और उनके सुझावों के बाद यह फैसला लिया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली में संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अगर अस्पतालों को सभी के लिए उपलब्ध करा दिया जाता तो महज तीन दिन में ही सारे बेड भर जाते।

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