वायरस से बचाव के लिए साझा करनी होगी 21 दिनों की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विदेश आने वाले प्रत्येक यात्री को थर्मल स्कैनिंग से गुजरना पड़ेगा। विश्वभर में इबोला वायरस के मामले को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरटी ने यह फैसला लिया है। विदेश से आ रहे सभी नागरिकों को अपनी 21 दिनों की जानकारी भी साझा करनी होगी। साथ ही उनसे अंडरटेकिंग भी भरवाई जाएगी।
इबोला वायरस के खतरे को भांपते हुए एयरपोर्ट अथॉरटी ने सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को यह निर्देश जारी किया है। अब तक यह जांच सिर्फ अफ्रीकी महाद्वीप या इबोला वायरस से सीधे तौर पर प्रभावित देशों से आने वाले लोगों तक ही सीमित थी, लेकिन अब अन्य देशों से आने वाले यात्रियों के लिए भी थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य कर दी गई है।
नए प्रोटोकॉल के तहत सभी अंतरराष्ट्रीय टर्मिनलों पर थर्मल स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। साथ ही प्रत्येक यात्री को स्व घोषणा पत्र में अपनी जानकारी के साथ 21 दिनों का ब्योरा देना होगा। इसमें बुखार, उल्टी, बदन दर्द जैसे लक्षणों की जानकारी भी देनी होगी। एयरपोर्ट हेल्थ आर्गेनाइजेशन (एपीएचओ) को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आरएमएल अस्पताल में बना आइसोलेशन वार्ड
यदि थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान किसी यात्री में बुखार या वायरस से संबंधित लक्षण मिल रहे हैं तो उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक लिया जाएगा। इसके अलावा यदि सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म में यात्री इस तरह के लक्षण बताते हैं तो उन्हें एयरपोर्ट पर ही आइसोलेट कर दिया जाएगा। इसके बाद विशेष चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत एंबुलेंस से सीधे आरएमएल अस्पताल के विशेष आइसोलेशन सेंटर भेजा जाएगा। आरएमएल अस्पताल में इसके लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में संदिग्ध मरीजों की विस्तृत जांच की जाएगी।