जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में बाहरी लोगोंक के प्रवेश को रोकने के लिए सुरक्षा का पहरा कड़ा किया जाएगा। प्रवेश करने वाले वाहनों की पहचान ऑटोमेटिक व्हीकल नंबर प्लेट रिकॉग्नाइजेशन सीसीटीवी सिस्टम से होगी।
सुरक्षा के लिए प्रवेश द्वार पर बूम बैरियर लगाए जाएंगे। कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग द्वार पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) सीसीटीवी कैमरे से वाहनों की निगरानी होगी। यह कैमरे वाहन के नंबर प्लेट की तस्वीर लेते हैं। जिसकी मदद से नंबर प्लेट को पढ़ने में मदद मिलेगी। कैमरे वाहन की लोकेशन का डाटा भी बनाएंगे। कैमरों की मदद से सड़क पर चलने वाले लोगों की भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान होगी।
कैंपस के प्रवेश द्वार पर बूम बैरियर लगाए जाएंगे। इससे वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इन बूम बैरियर को स्वचालित और मैन्युअल रूप से संचालित किया जाएगा। अभी फिलहाल 11 स्थान बूम बैरियर लगाने के लिए चिन्हित किए गए हैं। बता दें कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए जेएनयू सुरक्षा शाखा ने एक निविदा अधिसूचना जारी की है। निविदा में चयनित होने वाली एजेंसी एएनपीआर कैमरे और बूम बैरियर लगाने का कार्य करेगी। साथ ही निगरानी का जिम्मा भी एजेंसी के पास होगा। जिसके अनुबंध को एक से लेकर तीन साल तक किया जा सकेगा।
कमांड और कंट्रोल रूम बनेगा
जेएनयू परिसर में एक कमांड और कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। इस रूम से पूरे सीसीटीवी सिस्टम की निगरानी होगी। किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी को दूर करने के लिए 24 घंटे रेजिडेंट इंजीनियर उपलब्ध रहेंगे। 30 दिन का डाटा बैकअप सुरक्षित रखा जाएगा। एक पूरा केंद्रीकृत सर्वर होगा।
प्रवेश के लिए दिखाना होता है पहचान पत्र
बता दें कि वर्तमान में जेएनयू परिसर में प्रवेश पाने के लिए पहचान पत्र दिखाना पड़ता है। प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहते हैं। वर्ष 2023 के जून महीने में एक घटना हुई थी, जिसके बाद रात के समय बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।
जेएनयू छात्र संघ का घेराव जारी
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ का बीते 11 दिनों से डीन छात्र कार्यालय पर घेराव जारी है। रविवार को भी छात्र कार्यालय पर डटे रहे। छात्र संघ के अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि प्रशासन हमारी मांगों को सुन नहीं रहा है। जिसका नतीजा है कि यहां पर इतने दिनों से डटे हुए है। अभी तक सिर्फ चुनाव अधिसूचना जारी करने की मांग को पूरा किया गया है। लेकिन बराक हॉस्टल खोलने सहित दूसरी मांगों को पूरा नहीं किया है।
जेएनयू में सभागार का नाम बदलने की मांग
जेएनयू के सामाजिक विज्ञान स्कूल (एसएसएस) में एबीवीपी के अध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव ने स्कूल के सभागार का नाम बदलने की मांग की है। इसे लेकर उन्होंने स्कूल के डीन कौशल कुमार शर्मा को पत्र लिखा है। इसमें सभागार का नाम मदन मोहन मालवीय के नाम पर करने की मांग की है।