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Delhi: 'आप' करेगी अपने पसंदीदा अधिकारियों की तैनाती, इन अफसरों और कर्मचारियों की पहचान कर हटाए जाएंगे पद से

Thu, 11 May 2023 09:00 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद दिल्ली सरकार ने सबसे पहली कैंची सेवा विभाग पर ही चलाई। गुरुवार दोपहर बाद सरकार ने विभागीय सचिव आशीष मोरे का पद से हटाने का आदेश जारी किया।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल वीके सक्सेना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट से अफसरों और कर्मचारियों के नियुक्ति और तबादले का अधिकार मिलने के बाद दिल्ली सरकार ने बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। फैसला आने के तुरंत बाद इसका असर भी दिखा। कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सेवा विभाग के सचिव का तबादला कर दिया। साथ ही नई नियुक्ति का आदेश भी जारी कर दिया है। आने वाले दिनों में दिल्ली की आप सरकार अपने पसंदीदा अधिकारियों की तैनाती करेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी माना कि अगले कुछ दिनों में दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल होंगे। बकौल मुख्यमंत्री, जनता के काम रोकने वाले अफसरों-कर्मचारियों की पहचान कर उनको पदों से हटाया जाएगा। इनकी जगह काबिल, ईमानदार व जनता के प्रति सहानुभूति रखने वाले अफसरों-कर्मचारियों की तैनाती होगी।

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सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद दिल्ली सरकार ने सबसे पहली कैंची सेवा विभाग पर ही चलाई। गुरुवार दोपहर बाद सरकार ने विभागीय सचिव आशीष मोरे का पद से हटाने का आदेश जारी किया। इनकी जगह 1995 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल कुमार सिंह की तैनाती की गई। इससे पहले यह जल बोर्ड के सीईओ भी रह चुके हैं। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की नौकरशाही में बड़े पैमाने पर फेरबदल होगा। सचिवालय में बैठने वाले आला अधिकारियों से लेकर फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों तक को इधर से उधर किया जाएगा। इनकी जगह मुख्यमंत्री अपने पसंदीदा अधिकारियों की तैनाती अहम पदों पर करेंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी सरकार दिल्ली के लोगों को ऐसा प्रशासन देना है, जो जनता के प्रति उत्तरदायी, सहानुभूति रखने वाला और दयालु हो। अगले कुछ दिनों के अंदर बहुत बड़ा प्रशासनिक फेर-बदल होगा। इसका पैमाना अधिकारी विशेष का कामकाज होगा। मुख्यमंत्री ने सीधे तौर कहा कि कुछ ऐसे अफसर और कर्मचारी हैं, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों या एक-डेढ़ साल में दिल्ली की जनता के काम रोके। पहचान कर उनको हटाया जाएगा। जबकि अभी तक घुटन महसूस कर ईमानदार अधिकारियों को काम करने का मौका मिलेगा।

अरविंद केजरीवाल ने दो टूक कहा कि मौजूदा सिस्टम सड़ा-गला है। अब ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा, जो जनता के प्रति जवाबदेह हो और जनता की जरूरतों के प्रति उत्तरदायी हो। प्रशासनिक व्यवस्था के अंदर जितनी कमियां हैं, उन सभी को दूर किया जाएगा। सारे अफसरों और कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेह और उत्तरदायी बनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने एक आदेश से छिना था सर्विस विभाग
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, आठ साल पहले 14 फरवरी 2015 में आप की सरकार बनने के तीन महीने के अंदर प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार से एक आदेश पारित कराया कि दिल्ली की सर्विसेज के मामले अब दिल्ली के मुख्यमंत्री के पास नहीं रहेंगे, बल्कि एलजी या केंद्र सरकार के पास रहेंगे। इसका मतलब यह हुआ कि मुख्यमंत्री होते हुए भी अगर मेरे सामने कोई कर्मचारी रिश्वत ले रहा है तो उसे निलंबित करने, हटाने की शक्ति नहीं बची। शिक्षा, स्वास्थ्य सचिव कौन होगा, ये हम नहीं तय कर सकते। प्रधानमंत्री ने यह आदेश 23 मई 2015 को पारित कराया।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीते आठ सालों में केंद्र सरकार के इस आदेश का इस्तेमाल करके दिल्ली के कामों को जानबूझ कर रोका गया। एक तरह से मुख्यमंत्री के दोनों हाथ पीछे बांध दिए गए और मुझे नदी में फेंक दिया गया कि अब तैरो। सारी कठिनाइयों के बावजूद हम लोगों ने पिछले आठ सालों में दिल्ली के अंदर इतना शानदार काम किया। इससे यह समझा जा सकता है कि अगर हमारे पास पूरी शक्ति होती तो हम कितना ज्यादा काम कर सकते थे।

सुप्रीम कोर्ट का तहे दिल से शुक्रिया करते हैं
अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और संविधान पीठ के बाकी चारों न्यायाधीशों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। साथ ही दिल्ली की जनता को बधाई दी। केजरीवाल के मुताबिक, दिल्ली की जनता के साथ के बिना कुछ नहीं कर सकता था। सुप्रीम के इस आदेश के बाद दिल्ली का काम पहले से 10 गुना ज्यादा गति से होगा।

उपराज्यपाल से अपील, सात दिन में फाइल करें मंजूर
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, वह उपराज्यपाल का आशीर्वाद लेंगे और सरकार दिल्ली की जनता के लिए मिलकर काम करेंगे। नियमानुसार किसी फाइल को क्लीयर करने के लिए एलजी के पास सात दिन का समय होता है। उसने अपील है कि वो सात दिन में फाइल क्लीयर करना चालू करें। उन्होंने कहा कि सरकार के पास जिम्मेदारी पहले भी थी, लेकिन बिना शक्ति की जिम्मेदारी थी। अब शक्तियों के साथ जिम्मेदारी आ गई है। पहले हमारे पास जिम्मेदारियों को पूरा करने की शक्ति नहीं थी, अब सुप्रीम कोर्ट ने वो शक्ति दे दी है। अभी अफसरों के जरिए हर विभाग का गला घोंट दिया गया था, अब यह बंद हो जाएगा।
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प्रधानमंत्री पितातुल्य, अब हमें काम करने दें
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एल्डरमैन की नियुक्ति बिल्कुल गलत हुई है। डीआरसी के चेयरमैन की फाइल एलजी के पास चार महीने से पड़ी हुई है। इसके लिए हमें सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री एक तरह से पिता समान होते हैं। पिता की जिम्मेदारी होती है कि वो सारे बच्चों का अच्छे से पालन-पोषण करे। अगर दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है, तो वो हमारे भी प्रधानमंत्री हैं और हम भी उन्हीं की तरफ देखते हैं। मुख्यमंत्री ने अपील की अब वह आप सरकार को काम करने दें। बहुत समय बर्बाद हो गया है। अगर भाजपा को दिल्ली पर राज करना है तो दिल्ली के लोगों का दिल जीतें। ऐसा काम करिए कि अगली बार लोग आम आदमी पार्टी को वोट ही न दें।
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