एक तरफ पलवल में इंटरलॉकिंग के चलते शटल गाड़ियों में बढ़ी भीड़ और दूसरी ओर स्टेशन से गायब आरपीएफ और जीआरपी के चलते महिला यात्रियों पर आफत आ गई।
शुक्रवार की रात शकूरबस्ती से मथुरा को जाने वाली 64910 शटल में ओल्ड स्टेशन पर महिलाओं के साथ खूब धक्का-मुक्की हुई। यह ट्रेन करीब पांच मिनट तक रुकी रही।
शुक्रवार को शकूरबस्ती से मथुरा जाने वाली शटल करीब दस मिनट की देरी से ओल्ड स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर आकर रुकी। इस ट्रेन में भीड़ इस कदर थी कि लोगों का उतरना मुश्किल हो रहा था, चढ़ने की बात तो दूर की है।
नहीं नजर आए आरपीएफ और पुलिस के जवान
महिला बोगी में काफी संख्या में पुरुष यात्री सफर कर रहे थे। ऐसे में इस स्टेशन पर उतरने वाली महिला यात्रियों के साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई।
कई महिला यात्रियों को उनके सहयोगियों ने खींचकर बाहर निकाला। बोगी में चढ़े पुरुष यात्री हटने को तैयार नहीं थे।
इस बाबत जब आरपीएफ इंस्पेक्टर को फोनकर घटना की जानकारी दी गई तो उन्होंने बाहर होने की बात कर पल्ला झाड़ लिया। जबकि जीआरपी के डीएसपी रामचंद्र राठी को यह भी नहीं पता कि गाड़ियां निरस्त हैं और ट्रेनों में भीड़ बढ़ रही है।
रेलवे को कोसते रहे यात्री
आरपीएफ की लापरवाही की चलते शुक्रवार और शनिवार को लोग जान जोखिम में डालकर ट्रेन से सफर करने को मजबूर हुए। भीड़ के कारण लोग दो बोगी के बीच में ज्वाइंट पर खड़े रहे।
किसी भी स्टेशन पर उन्हें उतारने की कोशिश नहीं की गई। यही हाल शनिवार की सुबह पहली मथुरा शटल का रहा। इसमें भी लोग बोगियों के बीच में खड़े होकर यात्रा करते नजर आए।
रक्षाबंधन पर ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों ने रेलवे को कोसते नजर आए। यात्रियों का कहना था कि रेलवे को रक्षाबंधन और कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार खत्म होने के बाद पलवल में इंटरलॉकिंग का काम शुरू कराना चाहिए था।