अगर सभी कुछ ठीक रहा तो वह दिन दूर नहीं जब लोनीवासियों को प्रापर्टी की रजिस्ट्री के लिए गाजियाबाद तक दौड़ नहीं लगानी पडे़गी। रजिस्ट्री लोनी में ही की जाएगी।
स्टांप एवं निबंधन विभाग ने लोनी में दो सब-रजिस्ट्रार कार्यालय शुरू करने के लिए शासन को पत्र भेजा है। शासन से अनुमति मिलने के साथ ही हाल ही में बनी तहसील लोनी में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय शुरू कर दिए जाएंगे।
स्टांप एवं निबंधन विभाग के एआईजी जीपी सिंह के अनुसार तहसील बनने के बाद से ही लोनी में प्रत्येक ऐसे विभाग शिफ्ट किए जाने हैं, जोकि तहसील स्तर से जुडे़ होते हैं। इसी कड़ी में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय लोनी में शुरू किए जाने की कवायद है। उन्होंने बताया कि लोनी क्षेत्र को दो क्षेत्रों में बांटा गया है।
इसके लिए वहां दो सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की शुरूआत किए जाने की मांग शासन से की गई है। उम्मीद है कि शासन जल्द ही इस मामले में फैसला ले सकता है।
बडे़ पैमाने पर होती है खरीद-फरोख्त : दिल्ली सीमा से सटा होने के कारण लोनी में भूखंडों की खरीद फरोक्त बडे पैमाने पर होती है। दिल्ली में रहने वाले लोग सस्ते भूखंड उपलब्ध होने के कारण लोनी में आशियाना बनाने के लिए लालायित रहते हैं। अभी रजिस्ट्री के लिए क्षेत्रवासियों को गाजियाबाद जाना पडता है।
वहां भारी भीड होने के कारण भूखंड बेचने एवं खरीदने वालों के साथ साथ गवाहों का भी पूरा दिन जाया हो जाता है। लोनी में रजिस्ट्रार ऑफिस खुलने के बाद भूखंडों की रजिस्ट्री कुछ देर में हो जाया करेगी तथा लोगों का समय एवं धन दोनो बचेंगे। इसी के चलते सबसे ज्यादा राजस्व भी लोनी से ही मिलता है। रजिस्ट्रार ऑफिस कहां बनेगा इसके लिए भवन का चयन किया जाना है।