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सोनल चौहान के चोरी हुए गहने और ताज बरामद

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सोनल के घर से सामान उड़ाने वाले आरोपी चोरी के माल में से 11 फीसदी हिस्सा देवी मां के नाम पर मंदिर में चढ़ाते थे। वह चोरी पर निकलने से पहले और वारदात वाले घर में घुसते ही पूजा करते हैं। आरोपी जब वारदात में कामयाब हो जाते थे तो मैनपुरी में जाकर पूजा करते थे।
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आरोपी बिजेंद्र दूबे, अनिल दूबे और प्रवीण दूबे से बताया कि उनके क्षेत्र में देवी मां की पूजा की जाती है। वह जब वारदात को अंजाम देने के लिए निकलते थे तो पहले अपने घर में और फिर वारदात वाले घर में पूजा करते थे।

साथ ही चोरी की कुल कीमत का 11 फीसदी हिस्सा देवी मां के नाम पर खर्च करते थे। सोनल के भाई विक्रम चौहान ने भी बताया था कि घटना के बाद जब उनकी मां और पत्नी घर गई थीं तो मंदिर की लाइट और जोत जल रही थी। दिल्ली निवासी चंदन और हेमराज उर्फ हांडा भी उनके साथ मैनपुरी जाने लगे थे।
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पुलिस आरोपियों को जब मैनपुरी ले गई तो अनिल दूबे उर्फ जुगनू के एक मकान में से तीन से पांच हजार रुपये के करीब सात जोड़ी जूते, ब्रांडेड कपड़े और तीन-तीन हजार रुपये की शर्ट मिली थीं। महंगी पैंट और शौक के लिए कुछ अन्य सामान भी वहां से मिला।

सोनल के ताज संग मिले सवा करोड़ के जेवर

ग्रेटर नोएडा की कासना पुलिस ने बृहस्पतिवार को बॉलीवुड अभिनेत्री सोनल चौहान के घर से हुई चोरी का खुलासा किया। चोरों से सोनल के दो ताज समेत करीब सवा करोड़ रुपये की ज्वेलरी मिली है। पुलिस ने पांच आरोपियों को भी दबोचा है, जिनके पास से सात फोन बरामद हुए हैं।

एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि सोनल के पिता रिटायर्ड डीएसपी रघुराज चौहान और उनके भाई विक्रम चौहान सेक्टर बीटा-2 में रहते हैं। 12 मार्च को चोरों ने उनके घर से जेवर, सोनल के दो ताज और नगदी साफ कर दी थी। सोनल चौहान ने ये दोनों ताज मिस वर्ल्ड टूरिज्म 2005 और एक अन्य ब्यूटी पीजेंट में जीते थे।

मामले की जांच के लिए पुलिस की पांच टीमें बनीं, जिसकी कमान एएसपी अनुराग वत्स और सीओ हरेंद्र सिंह को सौंपी गई। क्राइम ब्रांच के सर्विलांस प्रभारी आलोक सिंह और उनके दो सिपाहियों ने चोरों की लोकेशन तलाशी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें ग्रेटर नोएडा के एटीएस गोलचक्कर से दबोच लिया। आरोपियों के पास से दोनों ताज, करीब सवा करोड़ की ज्वेलरी और एक लाख 21 हजार रुपये बरामद का लिए गए हैं।

सोनल चौहान के अनसुलझे सवाल

एक आरोपी ने बताया कि जब वे दूसरे कमरे में घुसे तो वहां राइफल और पिस्टल आदि देखकर वे डर गए थे। वहां से जब तीसरे कमरे में पहुंचे तो चंदन रोने लगा था। उससे लगने लगा था कि वे किसी बड़े आदमी के घर में आ गए हैं और इस बार नहीं बचेंगे। इस बात को पड़ोसी शैलेंद्र यादव ने भी रिटायर्ड डीएसपी को बताया था कि एक य़ुवक उनके घर के पास से जब उतर रहा था तो वह रो रहा था।

सर्विलांस टीम ने करीब तीन दिन तक सोनल के घर पर पांच सौ मोबाइल फोन से छांटकर 50 फोन की लोकेशन ली। इसके आधार पर आसपास के करीब 50 लोगों से बातचीत की गई और 30 नंबरों को संदिग्ध मानते हुए तीन श्रेणियों में बांटकर काम किया। पहले सी श्रेणी के लोगों को हिरासत में लिया और फिर उनके आधार पर बी श्रेणी के लोगों को उठाया गया। जब पक्का हो गया तब ए श्रेणी के लोगों को दबोचा गया।

सवाल
- आरोपियों ने कुछ जेवरात दिल्ली के तीन ज्वैलर्स को बेचे थे। दुकानदारों को कासना थाने भी लाया गया था। अगर उन्होंने चोरी का सामान खरीदा था तो आरोपी क्यों नहीं बनाया गया।
- पुलिस 10 से 15 लाख रुपये के जेवर और करीब दो लाख रुपये नकदी बता रही थी। जबकि सोनल चौहान के दोनों ताज के चोरी होने से इंकार कर रही थी। फिर इतने जेवर और दोनों ताज कैसे बरामद हुए।

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सोनल के घर चोरी करने वालों का ये है लेखा-जोखा

सूत्रों की मानें तो करीब तीन लाख 80 हजार रुपये चोरी हुए थे, जिनमें से करीब एक लाख 21 हजार बरामद हुए हैं। साथ ही छह किलो चांदी को दिल्ली के तीन ज्वैलर्स को बेच दिया गया। इससे मिले रुपये में उन्होंने करीब 20 दिन जमकर मस्ती की। आरोपियों ने बताया कि मैनपुरी में वे खुद को बिजनेसमैन बताते थे।

पांचों आरोपियों को उम्मीद नहीं थी कि उन्हें इतना माल मिल जाएगा। पांचों ने वारदात के बाद खरीदारी की और दिल्ली स्थित एक मकान में पूरा सामान रख दिया। इसके बाद बाइक से मैनपुरी चले गए।

आरोपियों ने बताया कि वे चोरी से एक दिन पहले रेकी करने आए थे। उन्होंने किसी और मकान को बंद देखकर उसे चिह्नित किया था। मगर जब वे आए तो मकान में कुछ लोग मौजूद थे, इसलिए वे पीछे वाली गली में चले गए और वहां देखा कि एक मकान बंद है। इसके बाद वे बराबर के मकान से दीवार फांदकर सीढ़ी से ऊपर गए।

आरोपियों की पहचान दिल्ली के जहांगीरपुरी स्थित मकान नंबर 336 निवासी चंदन, जयपुर निवासी हेमराज खटीक उर्फ हांडा (हाल पता जहांगीरपुरी, दिल्ली), मैनपुरी निवासी बिजेंद्र दूबे उर्फ विनय (हाल पता जहांगीरपुरी, दिल्ली), मैनपुरी निवासी प्रवीण दूबे (हाल पता जहांगीरपुरी, दिल्ली) और मैनपुरी निवासी अनिल दूबे उर्फ जुगनु के रूप में हुई। ये एक साथ चोरी करते हैं और इनके गैंग में आठ बदमाश हैं।

एसपी ने बताया कि आरोपी अब तक 50 से अधिक मकानों में चोरी कर चुके हैं। ये दिल्ली और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बंद घरों को निशाना बनाते थे। पुलिस ने बताया कि दोनों ताज की कीमत करीब 60 लाख रुपये है, जबकि घर से करीब 40 लाख रुपये के जेवर चोरी हुए थे।
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