फरीदाबाद के मुजेसर थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-23ए में टाटा इंडीकैश के एटीएम का पासवर्ड हैक कर चोरों ने उसमें रखे 3,35,900 रुपये चोरी कर लिए। मशीन का पासवर्ड एटीएम में नगदी डालने वाले दो ही अधिकारियों को पता था। कंपनी के अधिकारी का आरोप है कि घटना से पहले मशीन के सुपरवाइजर भी वहां आए थे, मगर उन्होंने इस बारे में कोई शिकायत नहीं की। पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मोलडबंद एक्सटेंशन, बदरपुर दिल्ली निवासी दिलीप सिंह ने मुजेसर थाने में दी शिकायत में बताया कि वह एसआईपीएल कंपनी में एटीएम नगदी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। 26 अगस्त की शाम उन्हें कंपनी के हेल्प डेस्क से सूचना मिली कि सेक्टर-23ए निम्स अस्पताल में लगे एटीएम से नगदी नहीं निकल रही है। इस पर वह अपनी टीम के सदस्य बाबूलाल, हरीशचंद्र और विनोद के साथ आए और एटीएम को चेक किया।
मशीन को चेक करने पर पता चला कि किसी ने एटीएम का पासवर्ड हैक करके मशीन में मौजूद रुपये चोरी कर लिए। मशीन का पासवर्ड दिलीप सिंह के अलावा उनकी टीम में शामिल बाबू लाल को ही पता था। दिलीप सिंह ने बताया कि वह उस मशीन पर आखिरी बार 24 अगस्त को करीब पौने दो बजे आए थे। एटीएम पर गजेंद्र सिंह चौहान सुपरवाइजर हैं। वे भी वहां आए थे और उन्हें इस घटना के बारे में जानकारी थी।
इसके बावजूद उन्होंने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी और न ही कहीं शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि एटीएम बूथ में न तो कोई सीसीटीवी कैमरा लगा था और न ही कोई सुरक्षाकर्मी तैनात था। ऐसे में पुलिस को शक है कि मशीन का पासवर्ड हैक कर नगदी निकालने में कंपनी के ही किसी जानकार का हाथ है।