पिछले छह साल में गाजीपुर थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों की फेंफड़ों के संक्रमण से मौत हो चुकी है। इसका हवाला देते हुए गाजीपुर और भलस्वा थानों को कम प्रदूषित क्षेत्रों में शिफ्ट करने का आला अधिकारियों से आग्रह किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक भौगोलिक कारणों और लोगों को पहुंचने में होने वाली परेशानियों की वजह से थानों को कहीं और शिफ्ट करने के लिए जमीन नहीं दी जा सकती है। वहीं डॉक्टरों ने लैंडफिल की वजह से फेंफड़ों की बीमारी होने से इंकार किया है।
एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर थाने के लिए जमीन पर विवाद होने की वजह से फिलहाल इसे शिफ्ट नहीं किया जा सका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जनवरी-अप्रैल के दौरान किए सर्वे के दौरान यहां पीएम-2.5 और पीएम-10 की मात्रा कई गुना अधिक पाई गई।