गर्भपात की इच्छा जाहिर करने वाली दुष्कर्म पीड़िता के मामले में सोमवार को हाईकोर्ट ने एम्स को चार सदस्यों का पैनल बनाने और पीड़िता की जांच करने के लिए कहा है।
हाईकोर्ट ने यह पूछा है कि क्या गर्भपात करने से पीड़िता की जान को कोई खतरा होगा या नहीं। पेश मामले में दुष्कर्म पीड़िता ने अपने 24 से 26 सप्ताह पुराने भ्रूण का गर्भपात करवाने की अनुमति मांगी है।
नाबालिग पीड़िता की ओर से उसके पिता ने याचिका दायर कर गर्भपात करवाने की अनुमति मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे एक अन्य मामले में दुष्कर्म पीड़िता के 24 सप्ताह के भ्रूण का गर्भपात करने की अनुमति प्रदान की थी।