वायु गुणवत्ता सूचकांक 267 दर्ज किया गया, शुक्रवार से 31 सूचकांक बढ़ा
-दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 177.2 और पीएम2.5 की मात्रा 107.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में हवा की दिशा बदलने और गति तेज होने के चलते दूसरे दिन भी हवा खराब श्रेणी में बरकरार रही। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 267 दर्ज हुआ जो कि हवा की खराब श्रेणी है। इसमें शुक्रवार की तुलना में 31 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में दिल्ली के बाद गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 262 दर्ज हुआ, यह हवा की खराब श्रेणी है। वहीं, नोएडा में 242, गुरुग्राम में 244 और ग्रेटर नोएडा में 239 एक्यूआई दर्ज हुआ इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 222 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 12.78 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 10.54, आवासीय इलाकों से 3.13, निर्माण गतिविधियों से 1.65 और सड़क से उड़ने वाली धूल की 0.86 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शनिवार को हवा पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1400 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 5000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 177.2 और पीएम2.5 की मात्रा 107.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि मंगलवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।