कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर अनोखा प्रदर्शन, छात्रों, युवाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय की बड़ी भागीदारी, शिक्षा, रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन का शनिवार को जंतर-मंतर पर एक अलग ही रूप देखने को मिला। पारंपरिक नारेबाजी और भाषणों के बजाय युवाओं ने रैप संगीत, देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और थाली-चम्मच बजाकर अपने मुद्दों को उठाया। दिनभर चले इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा, रोजगार, युवाओं के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
सुबह से ही जंतर-मंतर पर लोगों का जुटना शुरू हो गया था। कोई हाथ में गिटार लेकर पहुंचा तो कोई थाली और चम्मच के साथ। प्रदर्शन स्थल पर युवाओं के हाथों में विभिन्न मांगों और संदेशों वाले बैनर व तख्तियां भी दिखाई दीं। कई प्रतिभागियों ने समूह गीतों, कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी बात रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बदलते समय में केवल भाषणों के जरिए लोगों तक पहुंचना पर्याप्त नहीं है, इसलिए सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को विरोध के माध्यम के रूप में अपनाया गया।
रैप संगीत बना विरोध की नई आवाज
प्रदर्शन का सबसे बड़ा आकर्षण रैप संगीत रहा। युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, युवाओं के भविष्य और अन्य सामाजिक मुद्दों पर आधारित रैप प्रस्तुत किए। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर तैयार किया गया एक रैप गीत भी प्रस्तुत किया गया, जिसे बड़ी संख्या में युवाओं ने एक साथ गाया। प्रदर्शन में शामिल पवन ने कहा कि यह केवल विरोध कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं की भावनाओं को व्यक्त करने का मंच भी है। वहीं सन्नी ने कहा कि युवाओं की समस्याओं को नए और प्रभावी तरीकों से सामने लाने की जरूरत है, जबकि अमन के अनुसार ऐसे कार्यक्रम युवाओं को एकजुट करने का काम करते हैं।
देशभक्ति गीतों से बना भावनात्मक माहौल
रैप प्रस्तुतियों के बाद देशभक्ति गीतों का दौर शुरू हुआ। युवाओं ने समूह बनाकर कई लोकप्रिय देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। इस दौरान कई प्रतिभागी हाथों में तिरंगा लिए दिखाई दिए, जिससे पूरे प्रदर्शन स्थल पर भावनात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल बन गया। प्रदर्शनकारी नेहा ने कहा कि युवाओं का उद्देश्य केवल अपनी चिंताओं और समस्याओं को सामने रखना है। अंजली के अनुसार देशभक्ति का अर्थ देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहना भी है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, रोजगार और सामाजिक परिस्थितियों पर भी चर्चा होती रही।
थाली चम्मच की आवाज से गूंजा जंतर-मंतर
प्रदर्शनकारियों ने थाली और चम्मच बजाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में लोग अपने साथ थाली-चम्मच लेकर पहुंचे और कुछ ही देर में पूरा जंतर-मंतर उनकी आवाज से गूंज उठा। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के समर्थन में पहुंचे सुरेश ने बताया कि इसका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराना और आम लोगों की भागीदारी को प्रदर्शित करना है। प्रदर्शनकारी रीना ने इसे विरोध का अनोखा और प्रभावी तरीका बताया। वहीं बुजुर्ग प्रतिभागी रमेश ने कहा कि उन्होंने कई आंदोलनों को देखा है, लेकिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और थाली-चम्मच के जरिए आयोजित प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम देखने को मिलते हैं।
ट्रांसजेंडर समुदाय ने भी उठाई आवाज
प्रदर्शन में ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिली। समुदाय के कई सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे और बच्चों तथा युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की। समुदाय से जुड़ी मन्नू ने कहा कि युवाओं को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी डर के अपनी समस्याएं साझा कर सकें। उज्जवल सिंह ने कहा कि आत्महत्या की घटनाएं केवल परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती हैं और इस मुद्दे पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी प्रदर्शन को समर्थन
प्रदर्शन का असर सोशल मीडिया पर भी दिखाई दिया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में युवा अपने मोबाइल फोन से वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड करते रहे। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े हैशटैग ट्रेंड करते रहे। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो अपने सोशल मीडिया खातों पर साझा किए। प्रदर्शनकारी विवेक ने कहा कि आज के दौर में किसी भी आंदोलन की पहुंच केवल कार्यक्रम स्थल तक सीमित नहीं रहती। सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश देशभर के लोगों तक पहुंचता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के छोटे वीडियो लोगों को मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रेरित करते हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत और रचनात्मक विरोध के माध्यम से आयोजित यह प्रदर्शन दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों की आवाज को नए और प्रभावी तरीके से सामने लाना था।