प्राधिकरण के सुपरवाइजर को छिजारसी के लोगों ने बृहस्पतिवार को बंधक बना लिया। पुलिस के मुताबिक कुछ ग्रामीण एफएनजी मार्ग पर अतिक्रमण कर रहे थे, जिससे वहां की नाली टूट गई।
इसका जायजा लेने पहुंचे संविदा कर्मी सुपरवाइजर अनिल कुमार को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। काफी जद्दोजहद के बाद सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया। पुलिस ने बताया कि सुपरवाइजर के साथ कोई बुरा बर्ताव नहीं हुआ है।
प्राधिकरण व पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ ग्रामीण एफएनजी मार्ग पर अतिक्रमण कर रहे थे, जिसकी वजह से वहां बनी नाली टूट गई। इसी सूचना पर सुपरवाइजर अनिल कुमार को दोपहर करीब 12 बजे भेजा गया, जिसे ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।
सेक्टर-58 थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सुपरवाइजर को मुक्त कराया। पुलिस ग्रामीणों को भी अपने साथ ले आई, लेकिन कुछ देर रोकने के बाद वापस भेज दिया गया।
ग्रामीणों को कहना है कि एफएनजी रोड बनाने के लिए प्राधिकरण लोगों के घरों और दुकानों को तुड़वाना चाह रहा है। बृहस्पतिवार को सुपरवाइजर भी इसी मकसद से आया। ग्रामीणों के मुताबिक उसको बैठा लिया था। बंधक नहीं बनाया गया और न ही किसी तरह की अभद्रता की गई है।
छिजारसी निवासी चौ. विजय कुमार ने बताया कि प्राधिकरण ने भी थाने में पुलिस के सामने कहा है कि सुपरवाइजर के साथ किसी तरह का बुरा बर्ताव नहीं हुआ है। साथ ही बताया कि शुक्रवार से ग्रामीण मौके पर नियमित धरना देंगे।
दरअसल, एफएनजी रोड बनाने के लिए छिजारसी के पास 75 मीटर चौड़ाई में आठ सौ मीटर की दूरी में जमीन चाहिए। इस पर ग्रामीणों ने दुकान व घर बना रखा है। प्राधिकरण इसे हटवाना चाह रहा है, जबकि ग्रामीण इतनी दूरी में एलिवेटेड रोड बनाने की मांग कर रहे हैं।