बाल संरक्षण अधिकारी ने रविवार को पुलिस टीम के साथ दो किशोरियों की शादी रुकवाई। एक किशोरी की बारात दिल्ली के खिचड़ीपुर से तो दूसरी की कुरैशीपुर गांव से आने वाली थी।
बाल संरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक ने बताया कि रविवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि दुर्गा कॉलोनी निवासी एक मजदूर ने अपनी दो नाबालिग बेटियों की शादी तय कर दी है, दोनों की बारातें सोमवार को आने वाली हैं।
इस पर वह पुलिस टीम के साथ किशोरियों के घर पहुंचीं। पूछताछ में पिता ने बताया कि वह मजदूरी करता है, तीन बेटियां और एक बेटा है। 15 वर्षीय बेटी की शादी उसने खिचड़ीपुर दिल्ली में रहने वाले युवक से और 16 वर्षीय बेटी का रिश्ता कुरैशीपुर निवासी युवक से तय किया है।
बाल संरक्षण अधिकारी ने पिता को समझाया कि कन्या का विवाह 18 वर्ष से कम उम्र में करना अपराध है। इसमें लड़की और दूल्हे के परिजन जेल जा सकते हैं। इसके अलावा कम उम्र में शादी करने से लड़की का शारीरिक मानसिक विकास रुक जाता है।
लड़की पक्ष वालों को समझाने के साथ ही बाल संरक्षण अधिकारी ने ससुरालियों से भी फोन पर बात की और उन्हें समझाया। दोनों ही परिवार बारात नहीं लाने पर राजी हो गए। उधर, लड़की के पिता ने पुलिस में लिखित बयान दिया कि बालिग होने तक वह किसी भी बेटी की शादी नहीं करेगा।