अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रविवार को काला दिवस मनाने के लिए तैयारी पूरी कर ली है । शनिवार को कई टीमों को प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई। गांव-गांव लोगों से संपर्क साधा गया और धरने में शामिल होने का आह्वान किया गया।
वहीं, धरना स्थल पर भी आंदोलनकारियों ने कार्यक्रम को लेकर रणनीति बनाई। शनिवार को डीग गांव में चल रहे जाट आरक्षण धरने को 28 दिन पूरे हो गए। इस मौके पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान अमीचंद पीटीआई ने कहा कि सरकार ने जाटों की मांगें नहीं मानी तो परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार जान बूझकर जाट आरक्षण को लटकाना चाहती है, जिससे वह राजनीतिक लाभ उठा सके। शनिवार को जिले के विभिन्न गांवों से धरनास्थल पर पहुंचे जाटों को जिला प्रधान ने जसिया(रोहतक) में हुई राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के साथ बैठक और सरकार के रुख के बारे में भी जानकारी दी।
प्रदेश महासचिव रामकिशन मलिक ने बताया कि रविवार को धरने पर काला दिवस आयोजित किया जाएगा। इस दिन महिलाएं काले दुपट्टा और पुरुष आंदोलनकारी काले कपड़े पहनकर धरने में आएंगे।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार सभी मांगों को पूरा नहीं करेगी तब तक धरना इसी प्रकार जारी रहेगा। मलिक ने बताया कि सरकार ने एक सप्ताह में मांगों पर विचार कर निर्णय देने की बात कही है, जिसपर संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल सिंह मलिक ने सरकार से कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी धरना जारी रहेगा।
मलिक ने कहा कि जाट गत वर्ष की तरह इस वर्ष सरकार के वादों में आने वाले नहीं है, पहले मांगें पूरी होंगी उसके बाद ही धरना समाप्त यिा जाएगा। शनिवार को दयालपुर, जाजरू, पियाला, पन्हैड़ा कलां, अटाली, मोहना, सागरपुर सहित कई गांव के लोग धरने में शामिल हुए।