नई दिल्ली। भारत की आजादी को अक्सर तारीखों और बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों में याद किया जाता है, लेकिन शेखावाटी की पुरानी हवेलियों में यह इतिहास दीवारों, चित्रों, चिट्ठियों, पुराने सिक्कों और रोजमर्रा की चीजों में भी दर्ज है। लोधी रोड स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर की दृश्य कला दीर्घा में यही विरासत प्रदर्शनी राज से स्वराज तक के जरिए सामने आती है। श्रुति फाउंडेशन की पहल और मोहर संग्रहालय की ओर से लगाई गई आठ दिवसीय प्रदर्शनी 30 सितंबर तक चलेगी। संयोजन डॉ. श्रुति नाडा पोद्दार और सह संयोजन डॉ. अलका पांडे ने किया है।
प्रदर्शनी में पुराने अखबार, तार संदेश, चिट्ठियां, नक्शे, पांडुलिपियां, तस्वीरें, सिक्के, मुद्रा, कपड़े, बही खातों के पन्ने और रोजमर्रा का सामान रखा गया है। राजा रवि वर्मा से जुड़ा संग्रह, ब्रिटिश काल के वस्त्रों के नमूने और लेबल तथा स्वतंत्रता आंदोलन की तस्वीरें भी शामिल हैं। प्रदर्शनी को दस अलग-अलग यात्राओं में बांटा गया है, जो शेखावाटी के ब्रिटिश राज से स्वराज और स्वतंत्र भारत तक की यात्रा दिखाती है। संवाद